
भोपाल। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को ऐतिहासिक उपहार देते हुए ‘ओंकारेश्वर अभयारण्य’ की घोषणा की। यह राज्य का 27वां अभयारण्य होगा, जो खंडवा और देवास जिलों के 611.753 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैलेगा। यहां बाघों के साथ तेंदुए, भालू, सांभर, हाइना और कई वन्यजीवों की उपस्थिति रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अभयारण्य में असम से जंगली भैंसे और गैंडे लाने की योजना भी है। 52 टापुओं से युक्त यह क्षेत्र जैव-विविधता के साथ ईको-टूरिज्म का नया केंद्र बनेगा। बोरियामाल और जलचौकी धारीकोटला को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। अभयारण्य के विकास से आसपास के गांवों में पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल देगी, बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगी।
