सिंगरौली: दिल्ली पब्लिक स्कूल निगाही के पूर्व छात्र अरहान अहमद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाते हुए नीदरलैंड के रोस्ट्रम शहर में आयोजित मीनू CO2 चैलेंज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया है। इसकी जानकारी देते हुए विद्यालय के प्राचार्य सुखवंत सिंह थापर में बताया कि इस प्रतियोगिता में दुनिया के कई देशों से प्रतिभाशाली युवकों ने हिस्सा लिया जिसमें अरहान की टीम ने अपनी अद्भुत सोच और तकनीकी प्रतिभा से निर्णायकों को प्रभावित किया।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विश्व भर के युवाओं में पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा और कार्बन उत्सर्जन नियंत्रण के प्रति नवाचार को प्रोत्साहित करना था। अरहान अहमद की टीम ने अपनी प्रस्तुति ग्रीन मूवमेंट: कार्बन फ्री ट्रांसपोर्टेशन मॉडल के माध्यम से भविष्य की एक ऐसी परिवहन प्रणाली का मॉडल प्रस्तुत किया, जो सौर ऊर्जा, विद्युत वाहनों और जैविक ईंधन के मिश्रण से पूर्णत: पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुनिश्चित करती है।
निर्णायक मंडल ने भारतीय टीम के मॉडल को सार्थक, व्यावहारिक और दूरदर्शी बताते हुए उन्हें प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया, जबकि यू एस ए की टीम दूसरे स्थान पर तथा कोलंबिया की टीम तीसरे स्थान पर रही। प्रतियोगिता में भारतीय टीम के चारो सदस्यों को स्वर्ण पदक, प्रमाण पत्र और 1000 यूरो की नगद राशि संयुक्त रूप में प्रदान की गई।प्राचार्य श्री थापर ने बताया कि अरहान सत्र 2008 में नर्सरी से लेकर 2019-20 में हाई स्कूल तथा 2021-22 में इंटरमीडिएट की परीक्षा श्रेष्ठ अंकों में उत्तीर्ण की। वर्तमान समय में वे राजीव गांधी पैट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान जायस, रायबरेली में चतुर्थ वर्ष के छात्र हैं।
विदित हो कि अरहान का कैंपस सलेक्शन भी एक्सॉनमोबिल अमेरिकन कंपनी बेंगलुरु के रिसर्च विभाग में हो चुका है। अरहान की यह उपलब्धि न केवल विद्यालय के लिए बल्कि पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने यह सिद्ध किया है कि समर्पण और नवाचार के बल पर हमारे विद्यार्थी विश्व स्तर पर अपनी छाप छोड़ सकते हैं।इनके पिता मोहम्मद रिजवान अहमद दिल्ली पब्लिक स्कूल निगाही में वाणिज्य विभाग के प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं। अरहान की इस उपलब्धि से डीपीएस निगाही परिवार प्रसन्नचित है। प्राचार्य श्री थापर ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
