
इंदौर: नगर निगम ने संपत्ति वेरिफिकेशन अभियान शुरू किया है. आज से 15 दिनों तक करदाता स्वयं अपने संपत्ति कर के सत्यापन और व्यवसायिक उपयोग का संशोधन करवा सकता है. महापौर ने करदाताओं और नागरिकों से अपील की है कि वे अपने खातों में सुधार, नए खाते और विसंगतियों को झोनल कार्यालय जाकर दूर करवाएं. इसके बाद नगर निगम के दल वार्डो में खाकर संपत्तियों का सत्यापन करेंगे.
स्वच्छता में देश का नंबर वन शहर अब विकास कार्यों को गति देने के लिए रेवेन्यू सिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है. महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि जो लोग नई संपत्तियों को जोड़ना चाहते हैं या पुराने खातों में सुधार करवाना चाहते हैं, वे आगामी 15 के शिविर में संबंधित जोन कार्यालयों में संपर्क करें. 15 दिन के बाद निगम की टीम मौके पर जाकर संपत्तियों का वेरिफिकेशन करेगी. महापौर भार्गव ने स्पष्ट कहा कि संपत्ति कर में किसी भी प्रकार की छूट देने का प्रश्न ही नहीं उठता. उन्होंने बताया कि कानूनन संपत्ति कर की गणना तय तारीख से की जाती है. टैक्स में किसी तरह की छूट देने की शक्तियां राज्य सरकार के पास हैं. साथ ही जिन्होंने टैक्स नहीं भरा है, उन्हें छूट देना संभव नहीं है.
जनप्रतिनिधि पूरी तरह निगम के साथ
उन्होंने कहा कि शहर हित के सभी कार्यों और अभियानों में जनप्रतिनिधि पूरी तरह निगम के साथ हैं. चाहे अवैध होर्डिंग्स हटाना हो, संपत्ति कर या जलकर की वसूली सभी पार्षद और विधायक शहर विकास के पक्षधर हैं. महापौर ने कहा कि हमारी आपत्ति केवल इस बात की है कि जब कोई अभियान शुरू किया जाए तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी होनी चाहिए.
