
रीवा। किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य डॉ कृष्णपाल शर्मा ने बालकों के लिए बने किशोर न्याय अधिनियम का पालन न करने के विषय को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक रीवा को पत्र लिखा है.
डॉ शर्मा ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि विभिन्न थानों द्वारा बालकों के अपराध करने की सूचना प्राप्त होने पर बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जाता. बल्कि पैसे का लेनदेन करके, बालक को चालान के साथ ,प्रथम बार प्रस्तुत करके ,अपराध स्वीकार करवा कर प्रकरण समाप्त करके, अपराध को बढ़ावा दिया जा रहा है. डॉ शर्मा ने बताया कि बालकों के अपराध की सूचना प्राप्त होने पर पुलिस बाल कल्याण अधिकारी प्रारूप एक जिसमे बालक की सामाजिक पृष्ठभूमि होती है साथ में प्रारूप दो जिसमें माता पिता बालक को किशोर न्याय बोर्ड में उपस्थित रखेंगे के साथ प्रकरण प्रस्तुत करेंगे जिससे बालक के पुनर्वास के उपाय किए जा सकें. डॉ शर्मा ने पुलिस अधीक्षक को लेख किया है कि समस्त थानों को निर्देशित करें कि किशोर न्याय आदर्श नियम 2016 के नियम 8 एवं नियम 9(4) का पालन करते हुए अपराध बोध बालक को यथा शीघ्र किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करें, जिससे उनके पुनर्वास के समुचित उपाय किए जा सकें.
