बचपन में बुढ़ापा: सालेरा गांव में चार मासूमों को घेर रही प्रोजेरिया की दुर्लभ बीमारी

रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के सालेरा गांव में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां चार बच्चे कम उम्र में ही बुजुर्गों जैसे दिखने लगे हैं। इन मासूमों में प्रोजेरिया नामक दुर्लभ अनुवांशिक बीमारी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इस बीमारी में शरीर तेजी से बूढ़ा होने लगता है, जिससे प्रभावित बच्चों की औसतन उम्र 13 से 16 वर्ष तक ही रहती है।

गांव के करण सिंह की बेटी सुनीता (22) सबसे पहले इस बीमारी की चपेट में आई, उसके बाद रंजीत के तीन बच्चे राजकुमारी (18), रोशनी (15) और राजकुमार में भी इसके लक्षण दिखे। दुर्भाग्य से राजकुमार की मौत हो चुकी है। परिवार के अनुसार, जन्म के समय बच्चे पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उनके चेहरे और शरीर पर झुर्रियां पड़ने लगीं और बाल झड़ने लगे।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दिलीप राठौड़ ने बताया कि सात वर्ष पहले इन बच्चों की जांच में प्रोजेरिया जैसे लक्षण मिले थे, पर अब तक कोई व्यापक परीक्षण या सरकारी मदद नहीं मिली। नेशनल पॉलिसी फॉर रेयर डिजीज के तहत ऐसे मरीजों को सहायता मिलनी चाहिए, लेकिन इन परिवारों तक यह सुविधा नहीं पहुंच पाई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी बेहद दुर्लभ है और दुनिया में कुछ ही बच्चे इससे प्रभावित होते हैं। बॉलीवुड फिल्म पा में अमिताभ बच्चन ने इसी बीमारी से ग्रसित किरदार निभाया था, जिसने इस दुर्लभ रोग की पीड़ा को परदे पर उजागर किया था।

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