सतना: जयस संगठन के बैनर तले बुधवार को मझगवां तहसील में आदिवासियों ने वन भूमि से हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। सतना–चित्रकूट स्टेट हाईवे पर करीब डेढ़ घंटे वाहन नहीं निकल सके। वहीं 3 घंटे से ज्यादा तहसील कार्यालय के यहां यातायात ठप रहा। प्रदर्शनकारियों की मांगें सुनने पहुंचे अधिकारियों को भी जमीन पर बैठकर वार्ता करनी पड़ी।
दोपहर एक बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम पांच बजे तक चला। जयस जिलाध्यक्ष रवि कोल के नेतृत्व में लगभग 450 आदिवासियों, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल थीं, ने चितहरा मोड़ से तहसील कार्यालय तक रैली निकाली। इस दौरान सड़क पर ट्रैक्टर खड़े कर हाईवे पूरी तरह जाम कर दिया गया। शांतिपूर्ण ज्ञापन की अनुमति के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी और सड़क जाम कर अराजक स्थिति बना दी। जयस ने आरोप लगाया कि हाल के महीनों में मझगवां, बरौंधा, सरभंगा, सिंहपुर और बिरसिंहपुर सहित कई वन क्षेत्रों से सैकड़ों आदिवासियों को हटाया गया है। संगठन ने इन कार्रवाइयों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
समाधान का आश्वासन
मौके पर पहुंचे एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, तहसीलदार, आरआई और पटवारी ने प्रदर्शनकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने “हमारी तरह जमीन पर बैठकर बात कीजिए” की जिद की। इसके बाद अधिकारी जमीन पर बैठ गए और उनकी समस्याएं सुनीं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि उन्हें वन भूमि से बेदखल न किया जाए, जिस पर वे वर्षों से खेती कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्लांटेशन के नाम पर वन विभाग उन्हें उजाड़ रहा है।
