सतना : धान के खेत की रखवाली कर रहे मजदूर की निर्माणाधीन नहर की पुलिया में गिरने से मौत हो गई. घटना से आक्रोशित परिजनों ने मजदूर की मौत के लिए खेत के मालिक और नहर निर्माण कंपनी को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की. इस मामले में पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है.नागौद उचेहरा मार्ग पर बिहटा गांव के निवासी फूलचंद्र उर्फ फुल्लू कोल पिता रामकिशोर उम्र 52 वर्ष हर रोज की तरह मंगलवार की रात धान के खेत की रखवाली करने के लिए निकले थे. फूलचंद्र गांव के ही निवासी सरफराज अहमद के खेत ममें पिछले 20 वर्ष से मजदूरी कर रहे थे.
रात में काफी देर हो जाने के बावजूद भी जब फूलचंद्र वापस घर लौटकर नहीं आए तो परिजन चिंतित होने लगे. सुबह होते ही परिजनों ने फूलचंद्र की खोजबीन शुरु की. खोजते हुए परिजन जैसे ही निर्माणाधीन नहर की पुलिया के निकट पहुंचे तो नीचे पानी में फूलचंद्र का सिर दिखाई दिया. लिहाजा फौरन ही घटना की सूचना पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची उचेहरा पुलिस ने ग्रमीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया. वहीं घटना की जानकारी मिलते ही आस पास के क्षेत्र के लोग काफी संख्या में वहां एकत्र होने लगे.
शव ले जाने से रोका
घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय रहवासियों ने फूलचंद्र की मौत का जिम्मेदार खेत के मालिक और नहर निर्माण कंपनी को ठहराते हुए कार्रवाई की मांग शुरु कर दी. ग्रामीणों के अनुसार नहर बनाने वाली कंपनी के द्वारा हाल ही में पुलिया की बारी तोड़ दी गई थी. जिसकी जानकारी फूलचंद्र को नहीं होने के कारण वे पुलिया से नीचे गिर गए और उनकी मौत हो गई. आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर शव डेढ़ घंटे तक वहीं पर रोके रखा. उचित मुआवजा और कार्रवाई संबंधी आश्वासन मिलने के बाद परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने को राजी हुए.
