भोपाल। गुणायतन प्रणेता मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने कहा कि गरीबी की दशा में किया गया दान असाधारण प्रभाव डालता है। वे विद्याप्रमाण गुरुकुलम् में धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे। प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया कि मुनि श्री 31 अक्टूबर को एम.ए. सिटी (मेनिट) महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं से संवाद करेंगे और 1 नवम्बर को दिगंबर जैन मंदिर झिरनों में गणधर वलय विधान में शामिल होंगे।
मुनि श्री ने कहा, जीवन में चार चीजें दुर्लभ हैं, दरिद्र का दान, समर्थ की क्षमा, यौवन में इंद्रिय-निग्रह और सत्पुरुष का तप।” उन्होंने कहा कि दान देने के लिए संपन्नता नहीं, बल्कि उदारता जरूरी है। सन् 2009 के श्री सम्मेद शिखर जी प्रवास की घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि एक निर्धन बहन द्वारा पायल का दान भावना की श्रेष्ठता का प्रतीक है।
