नयी दिल्ली 27 मार्च (वार्ता) रक्षा मंत्रालय ने सेना के टैंकों की क्षमता बढाने के लिए ढाई हजार करोड़ रूपये की लागत से पांच हजार हल्के वाहनों की खरीद के अनुबंध पर हस्ताक्षर किये हैं।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार नाग मिसाइल सिस्टम ट्रैक्ड वर्जन एंटी-टैंक हथियार प्लेटफॉर्म की खरीद के लिए यह अनुबंध आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड , फोर्स मोटर्स लिमिटेड और महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के साथ किया गया है। यह खरीद (भारतीय-स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित) श्रेणी के तहत की जायेगी। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में गुरूवार को इस अनुबंध पर हस्ताक्षर किये गये।
यह खरीद मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री की टैंक रोधी क्षमता के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इससे विभिन्न अभियानों में भारतीय सेना की संचालन तत्परता बढेगी।
नाग मिसाइल प्रणाली दुश्मन के कवच के खिलाफ सबसे परिष्कृत टैंक रोधी हथियार प्रणाली में से एक है, जिसमें फायर-एंड-फॉरगेट एंटी-टैंक मिसाइल और दृष्टि प्रणाली है जो अधिक मारक क्षमता प्रदान करती है। यह हथियार प्रणाली मशीनीकृत संचालन को बदलने और विरोधी के खिलाफ परिचालन लाभ प्रदान करने के लिए तैयार है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार हल्के वाहनों को समकालीन वाहन प्रौद्योगिकी के अनुसार डिज़ाइन किया गया है जिसमें 800 किलोग्राम के पेलोड को पूरा करने के लिए बढ़ी हुई इंजन शक्ति है। यह सभी प्रकार के इलाकों और परिचालन स्थितियों में सशस्त्र बलों को गतिशीलता प्रदान करेगा।
दोनों खरीद स्वदेशीकरण और राष्ट्रीय रक्षा उपकरण विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाएगी। इन परियोजनाओं में घटकों के विनिर्माण के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहित करके प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं। यह खरीद देश के रक्षा बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और स्वदेशी उद्योगों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
