नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (वार्ता) सार्वजनिक क्षेत्र की भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) का समेकित शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के दौरान 53.3 प्रतिशत घटकर 419 करोड़ रुपये रह गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसे 897 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
कंपनी के आज जारी वित्तीय परिणामों के अनुसार, तिमाही के दौरान कंपनी का कुल राजस्व 8.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 26,910 करोड़ रुपये रहा। इसमें परिचालन से प्राप्त राजस्व 26,704 करोड़ रुपये रहा।
मुनाफे में गिरावट की मुख्य वजह कारोबार के लिए जरूरी स्टॉक पर खर्च की गई 1,652 करोड़ रुपये की राशि और इनवेंटरी में बदलाव के कारण 1,336 करोड़ रुपये का व्यय रहा है। एक साल पहले समान तिमाही में कंपनी ने जरूरी स्टॉक पर कोई खर्च नहीं किया था और इनवेंटरी में बदलाव से उसे 676 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था।
सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अमरेंदु प्रकाश ने वित्तीय परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंपनी ने उत्पादन में निरंतरता बनाये रखने के लिए क्षमता का उच्च दोहन किया है। वैश्विक इस्पात बाजार में उथल-पुथल के बावजूद कंपनी की बिक्री की मात्रा में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि देश के लो-कार्बन वाली अर्थव्यवस्था की यात्रा में योगदान के लिए सेल तैयार है। कंपनी उत्पादों में विविधता लाकर, ग्राहक-केंद्रित रणनीति अपनाकर और डिजिटलीकरण के माध्यम से सतत लाभ सुनिश्चित कर रही है।
सेल की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीने में कंपनी का इस्पात उत्पादन 95 लाख टन और बिक्री 94.6 लाख टन रही। छमाही के दौरान परिचालन राजस्व 52,625 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 1,112 करोड़ रुपये रहा।
