
छतरपुर। बड़ामलहरा क्षेत्र के ग्राम वीरों की शासकीय माध्यमिक शाला में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कलेक्टर पार्थ जैसवाल अचानक औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान छात्रों की उपस्थिति कम मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और शिक्षकों को सुधार के निर्देश दिए।
इसके बाद कलेक्टर ने खुद कुछ देर के लिए शिक्षक की भूमिका निभाई और बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। उन्होंने कक्षा 7वीं के राजाराम लोधी को गुणनखंड करना सिखाया, कक्षा 8वीं की सरोज रजक से “आकाश” का पर्यायवाची और ज्योति आदिवासी से “अश्व” का पर्यायवाची पूछा। सही उत्तर देने पर कलेक्टर ने बच्चों की सराहना की।
इसी दौरान छात्रा सरोज रजक ने उत्सुकता से कलेक्टर से सवाल पूछा “आप कलेक्टर कैसे बने?” इस पर कलेक्टर मुस्कुराए और बोले, “कलेक्टर बनने के लिए मन लगाकर पढ़ाई करनी पड़ती है और लक्ष्य तय कर मेहनत करनी होती है।”
कलेक्टर ने स्कूल में मिलने वाले मध्याह्न भोजन और गणवेश की राशि की जानकारी भी ली। इस निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, एसडीएम आयुष जैन और जनपद सीईओ ईश्वर सिंह वर्मा मौजूद रहे
