ट्रेन की कपलिंग टूटी, घने जंगल के बीच यात्रियों ने गुजारी रात

सतना : सतना-मानिकपुर रेलखण्ड पर मझगवां और टिकरिया रेलवे स्टेशन के बीच रविवार-सोमवार की दरमियानी रात एक बड़ी दुर्घंटना होते-होते रह गई. बोगी की कपलिंग टूट जाने के कारण ट्रेन दो हिस्से में बंट कर रह गई. यह तो गनीमत रही कि कपलिंग टूटने के दौरान ट्रेन की गति काफी कम थी. जिसके चलते ट्रेन पटरी ने नहीं उतरी. लेकिन इस घटना की वजह से ट्रेन में सवार यात्रियों को उस घने जंगल के बीच रात गुजारनी पड़ी जहां पर कभी दस्यु गिरोहों का आतंक हुआ करता था.
प्राप्त जानकारी के अनुसार लोकमान्य तिलक टर्मिनस से भागलपुर की ओर जाने वाली 12336 सुफा एक्सप्रेस रविवार-सोमवार की दरमियानी रात लगभग 2 बजे सतना रेलवे स्टेशन से निकली थी.

मझगवां रेलवे स्टेशन पार करने के बाद जब यह ट्रेन आगे बढ़ी तो टिकरिया रेलवे स्टेशन से पहले मारकुण्डी के निकट कॉशन आर्डर यानी धीमी गति से ट्रेन चलाने का निर्देश लागू था. जिसके चलते लोको पायलट द्वारा ट्रेन को महज 10-15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उक्त क्षेत्र से गुजारा जा रहा था. लेकिन इसी दौरान रात के 2 बजकर 54 मिनट पर ट्रेन की एस-1 बोगी की कपलिंग अचानक टूट गई. जिसकी वजह से 1 जनरल कोच और उसके पीछे लगा एलएलआर यानी गार्ड यान कोच ट्रेन से अलग हो गए. वहीं कपलिंग टूटने के कारण ट्रेन में प्रेशर ड्राप हो गया.

जिसके चलते ट्रेन लगभग 100 मीटर आगे जाकर खड़ी हो गई. घटना को देखते हुए ट्रेन के लोको पायलट और गार्ड द्वारा पहले आपस में संपर्क कर स्थिति की पुष्टि की गई. जिसके बाद मामले की सूचना निकट स्थित रेलवे स्टेशन को दी गई. जहां से होते हुए यह जानकारी सतना रेलवे स्टेशन पर पहुंची. मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय प्रबंध्रक सतना नरेश सिंह, स्टेशन प्रबंधक सतना अब्दुल मतीन के साथ सी एण्ड डब्लू स्टाफ फौरन ही मौके के लिए रवाना हो गया. इसी कड़ी में आरपीएफ और जीआरपी स्टाफ भी रवाना हो गया.
 दहशत में गुजरी की रात
रात के तीन बजे ट्रेन में सवार अधिकांश यात्री गहरी नींद में सोए हुए थे. लेकिन इस घटना के चलते धीरे-धीरे कर सभी जगाने लगे. दरवाजे से बाहर देखने पर दोनों ओर घनघोर जंगल और दो हिस्से में बंटी ट्रेन दिखाई दी. जिसके चलते भयभीत यात्रियों ने सभी लोगों से ट्रेन के खिडक़ी-दरवाजे बंद रखने की अपील की. इसी दौरान कुछ यात्रियों द्वारा जानने का प्रयास भी किया गया कि रेलवे की ओर से क्या प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें कहीं से कोई जानकारी नहीं मिल सकी. लिहाजा सुबह का उजाला होने तक ट्रेन में सवार यात्री सांसत में एक एक पल बिताने को मजबूर रहे. सुबह जब रेलवे स्टॉफ की चहलकदमी नजर आई तब कहीं जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली.
  सुबह 7 बजे रवाना हुई ट्रेन
मौके पर पहुंचे रेलवे स्टॉफ ने पाया कि एस-1 कोच की कपलिंग खराब हो चुकी है. लिहाजा उसे दोबारा जोडऩे पर आगे चलकर खतरा हो सकता है. जिसके चलते एस-1 कोच में सवार सभी यात्रियों को ट्रेन की दूसरी बोगियों में जगह दी गई. जिसके बाद एस-1 कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया. इसी कड़ी में पीछे छूटे जनरल और एसएलआर कोच को ट्रेन से दोबारा जोड़ा गया. इस कवायद के चलते 4 घंटे बीत चुके थे. लिहाजा सोमवार की सुबह 7 बजे ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सतना मानिकपुर रेलखण्ड का डाउन ट्रैक बाधित बना रहा. जिसके चलते पीछे चल रही ट्रेनों को अलग अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा. ट्रेन की कपलिंग टूटने के पीछे उपकरण में खामी थी अथवा जिम्मेदारों की अनदेखी, इसकी जानकारी तभी सामने आ पाएगी जब मंडलीय रेल प्रबंधन के समक्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी.

Next Post

खाद्य विभाग नहीं कर रहा बकाया भुगतान, चायवाला लगा रहा अधिकारियों के चक्कर

Tue Oct 28 , 2025
विदिशा। कलेक्ट्रेट परिसर में चाय बेचने वाले गरीब राजेन्द्र राय ने खाद्य विभाग पर बकाया भुगतान न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मई माह में कलेक्ट्रेट में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान खाद्य विभाग के अधिकारियों के कहने पर उन्होंने अतिथियों और अफसरों के लिए चाय-कॉफी […]

You May Like