उज्जैन: कार्तिक मास में भगवान महाकाल की पहली सवारी आज सोमवार को नगर में निकलेगी। सवारी शाम 4 बजे मंदिर में पूजन के बाद शुरू होगी। भगवान महाकाल चांदी की पालकी में मनमहेश रूप में भक्तों को दर्शन देंगे।सवारी में पहली बार मंदिर का निजी बैंड भी शामिल होगा, जो श्रद्धालुओं के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा।
वारी में का पुलिस बैंड, घुड़सवार दल, सशस्त्र बल और भजन मंडलियां पूर्व की तरह ही शामिल होंगी। सवारी मार्ग पर कई जगह परंपरा अनुसार श्रद्धालु भगवान महाकाल का पूजन करेंगे। इस बार कार्तिक मास में कुल 3 सवारियां निकलेगी। पहली सवारी निकलने के बाद दूसरी सवारी 3 नवंबर को आएगी। इसी दिन रात में हरिहर मिलन की सवारी भी निकलेगी। इसके बाद दो सवारी और आएगी वह अगहन मास की रहेगी।
यह रहेगा कार्तिक सवारी का रूट गणगौर दरवाजे से निकलेगी-सवारी महाकाल मंदिर से गुदरी, कहारवाड़ी से शिप्रा तट पहुंचेगी। इसके बाद गणगौर दरवाजा, कार्तिक चौक, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होकर पुन: महाकाल मंदिर लौटेगी।
