बुधनी। गत दिवस शासकीय जमीन से कब्जा हटाने के दौरान विवाद की नौबत देख प्रशासन ने तीन लोगों को जेल भेज दिया था. उसके कुछ घंटे बाद लोगों ने आक्रोशित होकर थाने का घेराव करते हुए कार्रवाई की निंदा की और तीनों को रिहा करने की मांग की. उस वक्त तो पुलिस ने आश्वासन देकर घेराव समाप्त कराया. अगले दिन रविवार को तीनों लोगों को जमानत पर रिहा किया गया है.
गौरतलब है कि शनिवार को प्रशासन द्वारा लोक निर्माण विभाग के लिए आवंटित शासकीय भूमि पर काबिज अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया था. इस दौरान कार्रवाई का विरोध कर रहे माधव यादव, सरला यादव और सुमित्रा यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. इस कार्रवाई को लेकर यादव समाज सहित नागरिकों में आक्रोश का माहौल निर्मित हो गया. उन्होंने रात में ही थाने के सामने जाम करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान लोगों ने गिरफ्तार लोगों की रिहाई नहीं होने तक प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी. इतना ही नहीं परिजनों ने आत्महत्या तक करने की धमकी दे डाली. प्रदर्शन को देखते हुए एसडीएम सहित एसडीओपी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह रिहा करने की मांग को लेकर अड़े थे. आखिरकार किसी तरह उन्हें शांत करते हुए प्रदर्शन समाप्त कराया गया. बताया जाता है कि रविवार को परिजनों ने प्रशासन से तीनों की जमानत स्वीकृत करने की मांग की. एसडीएम के समक्ष पहुंचे परिजनों के आवेदन पर तीनों को सशर्त जमानत पर रिहा कर दिया गया है. एसडीएम का कहना है कि नगर में किसी भी प्रकार की अराजक स्थिति को निर्मित नहीं होने दिया जाएगा.
