
भिंड। जिले के अटेर क्षेत्र के सुरपुरा क्षेत्र में ज्ञान सिंह जाटव के साथ मारपीट, कथित अपहरण और पेशाब पिलाने के आरोप के बाद जिले में दो वर्गों के बीच तनाव गहरा गया है। मामला बढ़ने के बाद दोनों ही पक्षों के बड़े नेता सोमवार को भिंड पहुंचने वाले हैं।
सुरपुरा क्षेत्र के करीब 10 गांवों के सर्व समाज के लोगों ने महापंचायत बुलाकर जाटव समाज का बहिष्कार करने की घोषणा की है। सर्व समाज के लोगों का कहना है कि पीड़ित पक्ष के लगाए गए आरोप निराधार हैं और घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सोमवार को भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष सत्येंद्र विद्रोही भिंड पहुंचेंगे और पीड़ित जाटव परिवार से मुलाकात करेंगे। वहीं सवर्ण समाज के नेता एडवोकेट अनिल मिश्रा भी सोमवार को ही ग्वालियर से भिंड आ रहे हैं। वे सवर्ण समाज के सामाजिक संगठनों और पदाधिकारियों से मुलाकात कर समाज पर हो रहे कथित अत्याचारों के खिलाफ लड़ाई की रूपरेखा तैयार करेंगे।
यह विवाद 20 अक्टूबर को सुरपुरा थाना क्षेत्र के अर्जद्धपुरा गांव में शुरू हुआ था। गांव के रहने वाले ज्ञान सिंह जाटव का सोनू बरूआ, आलोक शर्मा और छोटू ओझा से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इन लोगों ने जाटव की पिटाई की और कथित तौर पर उन्हें ग्वालियर से अपहरण कर भिंड लाया गया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उसे पेशाब पिलाई गई।इस घटना के बाद भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया और सवर्ण समाज के खिलाफ नारेबाजी की। इसके जवाब में सर्वसमाज और सवर्ण संगठन एकजुट हो गए। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए एफआईआर से गंभीर धाराएं हटाने की मांग शुरू कर दी।
परशुराम सेना, करनी सेना, ब्राह्मण समाज, क्षत्रिय समाज और श्रीराम सेना के पदाधिकारियों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और भीम आर्मी तथा आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
*प्रशासन एलर्ट, कड़ी निगरानी*
दोनों पक्षों के नेताओं के आगमन को देखते हुए भिंड पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती और निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
