
जबलपुर। सिहोरा जिले के ग्राम घुघरा स्थित निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में शनिवार को फिर एक वन्य प्राणी मृत अवस्था में मिलने से हड़कंप मच गया है। जंगली सुअरों के शव मिलने के बाद इस बार परिसर मे एक तेंदुए का शव मिला है जिसकी सूचना मुखबिर के द्वारा वन विभाग की टीम को दी गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है। मामले मेें कान्हा की डॉग स्कवॉड ने भी मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालकर वन विभाग के साथ मिलकर परिसर की खुदाई की तो एक और जंगली सुअर का शव शनिवार को टीम को मिला। इस प्रकार अब तक कुल 4 जंगली सुअर वन विभाग की टीम ने फैक्टरी परिसर से बरामद कर लिए हैं।
कान्हा से बुलाई गई डॉग स्कवॉड की टीम ने मौके पर जांच की और फिर बताया कि संभवत: बिजली के करंट से तेंदुआ की मौत हुई है। मतलब साफ है कि तेंदुए का शिकार करंट देकर किया गया है। अब ये करंट किसने दिया और कौन इसकी जान का दोषी है इसकी जांच वन विभाग की टीम कर रही है। ये आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। इस संबंध में आकाश पुरी गोस्वामी, प्रशिक्षु आईएफएस, प्रभारी रेंजर, सिहोरा के अनुसार शनिवार को सिहोरा जिले के ग्राम घुघरा स्थित निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में जो तेंदुआ मृत अवस्था में मिला है उसके आगे के लेफ्ट पैर के पंजे के नाखूनों को छोड़कर सारे नाखून निकाले जा चुके हैं वहीं उसके 4 दांत भी गायब हैं। जिससे शिकार का मामला प्रतीत हो रहा है। वन विभाग द्वारा तेंदुए को पीएम के लिए भेज दिया गया है और अब उसकी पीएम रिपोर्ट का इंतजार वन विभाग के आला अधिकारी कर रहे हैं।
कई सवाल वन विभाग के सामने खड़े हुए….
जानकारी के अनुसार बीती देर रात करीब दो बजे मुखबिर ने वन विभाग की टीम को सूचना दी कि सिहोरा जिले के ग्राम घुघरा स्थित निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के परिसर की झाड़ियों में एक तेंदुआ मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। इस तेंदुए का शिकार किसने किया, क्या शिकार फैक्टरी परिसर में ही कर्मचारियों द्वारा किया गया…ये सारे सवाल अभी वन विभाग की जांच टीम के सामने खड़े हुए हैं। गौरतलब है कि विगत उल्लेखनीय है कि 14 अक्टूबर को फैक्टरी परिसर के प्लांट के पास जंगल से भटक कर पहुंचे दो जंगली सुअर का शिकार करने और उसके बाद उनके शव को प्लांट क्षेत्र में गड़ा देने का मामला उजागर हुआ था। जिसके बाद निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया गया था। उधर आसपास के ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया है कि उनके इलाके में जंगली जानवरों के शिकार होते आए हैं लेकिन वन विभाग की धीमी कार्रवाई से शिकारी अपने मंसूबे में कामयाब हो जाते रहे हैं।
250 एकड़ में फैला हुआ है प्लांट
सिहोरा के घुघरा ग्राम में स्थित महेंद्र गोयनका की निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड 250 एकड़ में फैली हुई है। ग्रामीणों की माने तो ये फैक्टरी जितने परिसर में बसी है वहां के कर्मचारियों की मदद से ही परिसर शिकारियों का अड्डा भी बन चुका है। यहां आए दिन मांस पार्टी के आयोजन होते रहे हैं। जानकारों की माने तो जब अक्टूबर माह में फैक्टरी परिसर में जंगली सुअरों के शिकार कर उन्हें दफनाने की घटना सामने आई थी तभी उसी वक्त निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड प्लांट को जिम्मेदारों द्वारा सील कर दिया जाना चाहिए था। लेकिन उस समय ऐसा कुछ नहीं किया गया।
इनका कहना है-
–सिहोरा जिले के ग्राम घुघरा स्थित निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड परिसर में तेंदुए का शव मिला है। डॉग स्कवॉड व वन विभाग की टीम द्वारा परिसर में खुदाई का काम कराया जा रहा है जिससे कि अन्य जंगली जानवरों को अगर कहीं दफनाया गया हो तो उसका पता चल सके। जो मृत अवस्था में तेंदुआ मिला है उसके पैर के नाखून व कुछ दांत गायब है। वन विभाग को अब तेंदुए की पीएम रिपोर्ट का इंतजार है, विस्तृत जांच जारी है। घटना में फैक्टरी के चौकीदार से सघन पूछताछ की जा रही है।
—ऋषि मिश्रा, वन मंडल अधिकारी।
–कान्हा से डॉग स्कवॉड की टीम को बुलाकर फैक्टरी परिसर व मृत तेंदुए के संबंध में जांच कराई गई। वन विभाग द्वारा शिकार की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। तेंदुए का फैक्टरी परिसर में शिकार किया गया है कि उसका शिकार कहीं और किया गया है और वहां से लाकर फैक्टरी परिसर में छोड़ दिया गया है, ये सब जांच के विषय है, विवेचना जारी है। फैक्टरी परिसर में एक मृत जंगली सुअर भी खुदाई के दौरान मिला है। इस प्रकार कुल 4 जंगली सुअर अब बरामद किए जा चुके हैं।
आकाश पुरी गोस्वामी,प्रशिक्षु आईएफएस, प्रभारी रेंजर, सिहोरा
