बेलफ़ास्ट, 24 अक्टूबर (वार्ता) ब्रिटिश सेना के पैराशूट रेजिमेंट के एक पूर्व सदस्य को उत्तरी आयरलैंड के लंदन डेरी में 53 साल पहले हत्या के मामले में पर्याप्त सबूत नहीं होने के कारण बरी कर दिया गया है।
30 जनवरी 1972 को डेरी के बोगसाइड इलाके में एक नागरिक अधिकार प्रदर्शन में 13 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और कम से कम 15 अन्य घायल हो गए थे। यह घटना रविवार को हुयी थी, इसीलिए इसे ‘ब्लडी संडे’ घटना के नाम से भी जाना जाता है।
सैनिक ‘एफ’ पर 22 वर्षीय जेम्स रे और 26 वर्षीय विलियम मैककिनी की हत्या का आरोप था। इसके अलावा हत्या के प्रयास के पाँच आरोप भी लगे थे। उल्लेखनीय है कि सैनिक एफ की पहचान को अदालत ने गोपनीय रखने का निर्देश दिया है।
न्यायाधीश ने कहा कि पैराशूट रेजिमेंट के सदस्यों ने भागते समय निहत्थे नागरिकों पर गोली चलाई थी, लेकिन सैनिक एफ की दोषसिद्धि के लिए आवश्यक सबूत काफी कम थे। न्यायाधीश ने हालांकि कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को शर्म से सिर झुका लेना चाहिए
इस फैसले से हालांकि मृतकों के परिजन संतुष्ट नहीं हैं। इस घटना में मारे गये जिम के भाई लियाम रे ने कहा कि यह एक दुखद और भावनात्मक दिन था। उन्होंने कहा, “न्याय नहीं मिल पाया।”
