तेल अवीव, 24 अक्टूबर (वार्ता) अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा कि दक्षिणी गाजा पट्टी स्थित राफाह शहर के पुनर्निर्माण में कम से कम दो से तील साल लग सकते हैं।
श्री वैंस ने कहा कि फिलिस्तीनी नागरिक अगले कुछ महीनों में दक्षिणी गाजा के हमास मुक्त क्षेत्र में जा सकेंगे। उन्होंने गुरुवार को एयर फोर्स टू में सवार होने से पहले तेल अवीव में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उम्मीद जताई कि लोग राफाह वापस जा सकेंगे।श्री वैंस ने कहा कि हमास के नियंत्रण से बाहर के क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्य ‘बहुत जल्दी’ शुरू हो सकता है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, “धीरे-धीरे लोग वहां बसाए जाएंगे। यह सिलसिला लगातार चलता रहेगा। उम्मीद है कि कुछ सालों में वहां पांच लाख लोग सुरक्षा, आराम और ऐसी जिंदगी बसर करते मिलेंगे जहां वे अपने इजराइली पड़ोसियों के लिए खतरा नहीं होंगे।”
उन्ऋहोंने कहा कि यह पहली बार हो रहा है जब अमेरिकी प्रशासन ने गाजा के पुनर्निर्माण की संभावित समय-सीमा के बारे में विस्तार से बात की है, जो दो साल के युद्ध में तबाह हो गया।
सीएनएन ने पहले ही अपनी रिपोर्ट में बताया था कि उपराष्ट्रपति का इस सप्ताह इस क्षेत्र का दौरा यह सुनिश्चित करने के लिए था कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका द्वारा तय किए गए समझौते के प्रति प्रतिबद्ध रहें क्योंकि ट्रम्प प्रशासन के कुछ अधिकारियों को चिंता है कि वह इसे विफल करने का प्रयास कर सकते हैं।
श्री वैंस ने मीडिया को बताया कि अब तक इजरायल और हमास दोनों ही ‘अपवादों’ को छोड़कर युद्धविराम के नियमों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जब ये दोनों पक्ष दो साल से युद्धरत हैं, तो यहां-वहां कुछ अपवादों के साथ युद्धविराम की उम्मीद की जा सकती है लेकिन अब तक युद्धविराम वास्तव में कायम है। शांति वास्तव में कायम है।”
श्री वैंस ने कहा कि वह शांति बनाए रखने को लेकर ‘काफी अच्छा’ महसूस कर रहे हैं लेकिन उन्होंने यह स्वीकार नहीं किया कि ‘हिंसा के छोटे-मोटे विस्फोट’ होने की आशंका नहीं है। उन्होंने कहा, “देखिए, अगर यह शांति कायम रहती है, तो हिंसा की छोटी-मोटी घटनाएं आम होंगी। इजरायलियों के लिए हमारा संदेश यही रहा है कि शांति कायम रखने में हमारी मदद करें। हालांकि इजरायलियों के अपने हित हैं लेकिन हम इस शांति को कायम रखने के लिए उनके और खाड़ी-अरब दोनों देशों के साथ मिलकर काम करते रहेंगे।”
श्री वैंस ने युद्धविराम के सामने आने वाली चुनौतियों को स्वीकार किया क्योंकि मध्यस्थ हमास के निरस्त्रीकरण के लिए एक तंत्र बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अंततः जिम्मेदारी एक उस अंतरराष्ट्रीय बल पर आएगी जिसे गाजा में तैनात किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए धैर्य की जरूरत बताई। उन्होंने कहा, “प्रशासन से हमारी अपेक्षा है कि अब अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल हमास को निरस्त्र करने का बीड़ा उठाएगा। इसमें कुछ समय लगेगा और यह सब उस बल पर निर्भर करता है।”
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने इजरायली संसद में दो प्रारंभिक मतदानों की आलोचना की, जो कब्जे वाले पश्चिमी तट पर कब्जा करने के लिए तैयार किए गए थे। वह क्षेत्र जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय भविष्य के फिलिस्तीनी राज्य का हिस्सा मानता हैं। श्री वैंस ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि ये वोट महज ‘प्रतीकात्मक’ और ‘राजनीतिक स्टंट’ थे।उन्होंने कहा कि पश्चिमी तट के पूरे या उसके कुछ हिस्सों पर कब्जा करना वर्षों से इजरायल के दक्षिणपंथियों का लक्ष्य रहा है। कई कट्टरपंथियों ने श्री डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने को इस एजेंडे को आगे बढ़ाने के एक अवसर के रूप में देखा था। यह मानते हुए कि वह एक ऐसे कदम को अमेरिकी समर्थन देंगे जिसका तुरंत ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक विरोध होगा लेकिन श्री वैंस ने पश्चिमी तट पर इजराइली संप्रभुता लागू करने के विचार पर पानी फेर दिया।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, “पश्चिमी तट पर इजराइल का कब्जा नहीं होने वाला है। ट्रम्प प्रशासन की नीति है कि पश्चिमी तट पर इजरायल का कब्जा नहीं होगा। यह हमारी नीति बनी रहेगी।”
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि युद्धविराम का प्रयास अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अब तक के प्रयास ‘एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपलब्धि’ हैं लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ‘अभी और काम करना बाकी है। इस क्षेत्र में अभी और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करनी हैं। इसीलिए हम यहां आए हैं।’
श्री रुबियो ने कहा, “हम बहुत सकारात्मक और विश्वस्त हैं कि भारी बाधाओं के बावजूद शांति स्थापित करने की दिशा में हम वह सब कुछ कर लेंगे जो करना चाहते हैं।”

