
ग्वालियर। आज क्या आगे भी कोई आंदोलन नहीं होगा, आप सब तो अपना काम जैसे रोज करते हैं वैसे करिए और किसी बात की चिंता मत कीजिए। आपकी सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन हैं। यह बात बुधवार को कलेक्टर रुचिका चौहान व एसएसपी धर्मवीर सिंह ने शहर के आमजन से बातचीत के दौरान कही। शहर में बने तनावपूर्ण माहौल के बाद आईजी अरविंद सक्सैना, डीआईजी अमित सांघी, कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान व एसएसपी धर्मवीर सिंह सूरज निकलते ही शहर की सड़कों पर उतर आये। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी शहरवासियों को भरोसा दिला रहे थे कि किसी तरह का कोई आंदोलन नहीं होने जा रहा, बेफिक्र होकर अपना काम करिए। सुबह जैसे-जैसे बाजार खुलते गए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी कारोबारियों के बीच पहुंचे और उन्हें भरोसा दिलाया कि शहर में सबकुछ सामान्य है और कोई भी उपद्रव करेगा तो उसके साथ सख्ती से पेश आया जायेगा। व्यापारी अपना कारोबार रोज की तरह करें। उनकी सुरक्षा के लिये पुलिस है।
डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर दो वर्गों में चल रही तनातनी को लेकर आज शहर में पुलिस और प्रशासन के अफसर पूरी तरह से हाई अलर्ट पर थे। गलियों से लेकर प्रमुख चैराहे-तिराहे व शहर के एंट्री गेट पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। उन स्थानों पर सख्त पहरा बैठाया गया था जहां वर्ग विशेष का बाहुल्य है और 7 वर्ष पहले हुए बवाल में यहां रहने वाले लोग शामिल रहे थे। कलेक्टर रुचिका चौहान व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव ने तो मंगलवार रात से ही स्थिति पर नजर रखना शुरु कर दी थी और पूरी रात कलेक्टर और एसएसपी बिना सोये शहर में शांति व्यवस्था बनाये रखने में जुटे रहे। कलेक्टर और एसएसपी ने पूरे शहर का एक राउंड उस समय लगाया जब शहरवासी नींद के आगोश में थे। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल, धर्मशाला, प्रमुख मंदिर, पर्यटन स्थलों तक पर भी पुलिस द्वारा पहरेदारी की जा रही थी। दीपावली के अवसर पर बाजार पूरी तरह से खुले हुए थे और शहर में खरीदारी जमकर हो रही थी। कहीं से किसी प्रकार के उपद्रव, मीटिंग, सभा या संघर्ष की कोई खबर पूरे दिन पुलिस और प्रशासन को नहीं मिली। पुलिस की सख्ती के कारण उपद्रवियों ने घर से ना निकलने में ही अपनी भलाई समझी। क्योंकि शहर की फिजा बिगाड़ने वालों और हिमाकत करने वालों पर किसी तरह की रियायत बरतने का पुलिस का कोई इरादा नहीं था।
डॉ. अंबेडकर को लेकर तनातनी सोशल मीडिया से शुरु हुई और उसके बाद मामला आगे बढ़ता गया। इसे देखते हुए प्रशासन व पुलिस पिछले एक सप्ताह से काम में जुटी हुई थी। सबसे बड़ा चैलेंज था आमजन को भरोसे में लेना और इसके लिए मौहल्ले व कॉलोनियों में जाकर लोगों को समझाइश दी गई। इसका असर यह हुआ कि प्रशासन व पुलिस आमजन का भरोसा जीतने में पूरी तरह सफल रहे। शहरवासी रोज की तरह काम पर निकलें, दुकानें खुली, कोचिंगों में पढ़ाई हुई, मॉर्निग वॉक पर जाने वाले भी निकले और मजदूरी करने वाले भी। शहर की जिंदगी किसी के इशारे से थमी नहीं और रोजाना की तरह चलती रही।
