
इंदौर. लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार सुबह-सुबह रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के इंदौर के सात और ग्वालियर के एक सहित आठ ठिकानों पर एक साथ छापा मारकर भारी मात्रा में नकदी और कीमती सामान जब्त किया. कार्रवाई में अब तक 75 लाख रुपए नकद, ढाई किलो सोना, ढाई किलो चांदी, विदेशी मुद्रा और महंगी घड़ियाँ बरामद की गई हैं. इस कार्रवाई में इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर टीम शामिल है. मामले में सूत्रों का दावा हैं कि जल्द ही ईडी की इंट्री होने वाली है.
डीएसपी सुनील तालान ने बताया कि भदौरिया की वैध आय लगभग 2 करोड़ रही, जबकि उनके पास 8 करोड़ से अधिक की संपत्ति पाई गई है. जांच में सामने आया है कि वे आबकारी विभाग में रहते हुए अवैध शराब कारोबार से करोड़ों रुपए कमा चुके हैं. धार की एक डिस्टिलरी से अवैध शराब के परिवहन में उनकी प्रमुख भूमिका बताई जा रही है. रिटायरमेंट के बाद भी उन्होंने अलीराजपुर में किराए का मकान लेकर नेटवर्क चलाना जारी रखा. लोकायुक्त को उनके आठ बैंक खातों, तीन लॉकर और बेटे सूर्यांश भदौरिया के फिल्म निवेश की जानकारी मिली है. वहीं सूत्रों का दावा है कि प्रवर्तन निदेशालय भी इस मामले में जल्द ही जांच में शामिल हो सकता है, क्योंकि भदौरिया की संपत्ति 500 करोड़ रुपए से अधिक होने का संदेह है. तालान ने यह भी बताया कि 1987 में भर्ती हुए भदौरिया को 2020 में शराब ठेकों की नीलामी में लापरवाही के चलते निलंबित किया था. अब लोकायुक्त टीम उनके सहयोगियों और ट्रांसफर नेटवर्क की भी जांच कर रही है.
