संघ प्रमुख का सदी सन्देश स्वयंसेवकों के लिए नजीर

विन्ध्य की डायरी

डॉ रवि तिवारी

पिछले कुछ दशकों से सत्ता के लिए नजीर बन रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक की कही हर बात का असर स्वयंसेवकों में इतना जल्दी प्रभावी होता है. जितना लोग अपने घर के अभिभावक की बात पर गम्भीर नहीं होते. यह संयोग ही था कि संघ प्रमुख डॉ मोहनराव भागवत ने अपने शताब्दी वर्ष के संकल्पों का श्री गणेश विन्ध्य की माटी से किया. राजनीतिक दृष्टि से उर्वर पर विकास में पिछड़े विन्ध्य में संघ के बटवृक्ष ने अपनी छाया के आगोश में आजादी के बाद लिया पर देखते ही देखते उसकी शाखा ने न सिर्फ मजबूती कायम की बल्कि न जाने कितनी नई शाखा का ऐसा विस्तार किया कि अब जड़ की चर्चा कोई नहीं करता.

अब शायद पंच संकल्पों का चिंतन मनन कर लोग वहाँ तक पहुँचे जहाँ से विन्ध्य में इस बटवृक्ष का विस्तार शुरू हुआ है. तीन पीढिय़ों के इस अंतर को कैसे पटा जाएगा यह अभी समय के गर्भ में हैं. लेकिन संकल्पों के पक्के स्वयंसेवकों पर भरोसा है कि वे इस लक्ष्य तक जरूर पहुचेंगे. डॉ भावगत ने अपने दो दिनी प्रवास में देश भरके सिंधी समाज को संगठित रह अपने मूल को न भूलने की सलाह दे एक बार फिर इस विषय मे चेतना पैदा कर दी है. राजनीति से हमेशा दूर रहने का दावा करने वाले संघ के प्रमुख ने क्षेत्र के नेताओ से प्रवास के दौरान बराबर दूरी बनाकर यह भी जता दिया कि उनकी नजर में दिग्गज नेताओं की स्थिति स्वयंसेवक से ज्यादा नही है.

विधायक को सता रहा ईडी का डऱ

विंध्य के सबसे चर्चित फायर कांग्रेस विधायक को ईडी का डऱ इस समय सता रहा है. हालाकि यह डऱ उनका नया नही है, विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्होने ईडी की छापेमारी की आशंका जाहिर की थी. स्थानीय मंत्री से लेकर सरकार पर लगातार निशाना साधने वाले सेमरिया विधायक अभय मिश्रा ने अब अपने घर और व्यवसायिक प्रतिष्ठानो में छापेमारी की आशंका जाहिर की है. उनके परिवार से जुड़ी कम्पनियों के बैंक खाते सीज किये गये है.

इसी घटनाक्रम को आगे चलकर छापा की कार्यवाही से जोड़ते हुए विधायक ने कहा कि कई दिनों से धमकियां आ रही हैं, सरकार और उपमुख्यमंत्री के खिलाफ बोलना बंद करो, अन्यथा नुकसान हो जाएगा. इसके पहले भी इस तरह से सनसनी खेज आरोप विधायक लगाते रहे है. भाजपा नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि वह अपनी सुविधा के अनुसार आरोप लगाते रहते है.

कब गठित होगी कांग्रेस की कार्यकारिणी

संगठन सृजन अभियान के मंथन से जिला कांग्रेस अध्यक्ष तो निकल आए पर अभी तक जिला कार्यकारिणी गठित नही हो पाई है. कहीं न कहीं अध्यक्षों को लेकर चल रहे असंतोष और उठापटक की आग के ठंडा होने का इंतजार किया जा रहा है. कांग्रेस को डऱ है कि चारो तरफ असंतोष के साथ विरोध की आग दहक रही है. ऐसे में कार्यकारिणी अगर घोषित की गई तो ज्वालामुखी फूट पड़ेगा.

पहले से ही एक वर्ग विशेष विरोध के साथ चिंतन बैठक कर रहा है. दूसरी तरफ जिलाध्यक्षों की परिक्रमा कार्यकर्ता कर रहे है. कार्यकारिणी में स्थान पाने के लिये हर संभव प्रयास में जुटे हुए है. अध्यक्षो के लिये कार्यकारिणी में समन्वय और संतुलन बनाना सबसे बड़ी चुनौती होगी. दरअसल विंध्य में जाति के इर्दगिर्द राजनीति घूमती है और जातीय समीकरण संतुलन का विशेष ध्यान रखना होगा ताकि किसी वर्ग में असंतोष फिर से न पनपे जो आगे चलकर पार्टी के लिये नुकसान दायक साबित हो.

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