
सिलवानी। नगर परिषद सिलवानी द्वारा सोमवार देर रात अचानक चलाए गए अतिक्रमण हटाने के अभियान से नगर में हड़कंप मच गया। रात करीब 11 बजे नगर परिषद का अमला जेसीबी लेकर बजरंग चौराहा और बरेली रोड पहुंचा और दुकानों पर कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान आठ दुकानों के हिस्से तोड़े गए।
बताया गया कि कार्रवाई के समय अधिकांश व्यापारी अपनी दुकानें बंद कर घर लौट चुके थे। सुबह जब उन्हें घटनाक्रम की जानकारी मिली तो वे हैरान रह गए। प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि उन्हें न तो कोई नोटिस दिया गया, न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला।
व्यापारियों ने नगर परिषद की इस देर रात की कार्रवाई को नियमों के विरुद्ध बताया। उनका कहना है कि बिना पूर्व सूचना और वैध आदेश के दुकानों को नुकसान पहुंचाना सरासर अन्याय है।
मंगलवार को आयोजित खंड स्तरीय जनसुनवाई में नगर परिषद उपाध्यक्ष निशा मतांबर के प्रतिनिधि मोनू मतांबर ने कलेक्टर रायसेन से इस कार्रवाई की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी कार्रवाई बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति में नगर परिषद के दरोगा द्वारा कराई गई, जिससे दुकानों में रखा सामान भी नष्ट हो गया।
मोनू मतांबर ने यह भी सवाल उठाया कि नगर के अन्य हिस्सों आजाद मार्केट, गैरतगंज रोड आदि में भी अतिक्रमण है, लेकिन कार्रवाई केवल आठ दुकानों तक सीमित क्यों रही? उन्होंने इसे पक्षपातपूर्ण और व्यक्तिगत द्वेष से प्रेरित बताया।
जनसुनवाई में कलेक्टर से मांग की गई कि इस प्रकरण की न्यायिक जांच कराई जाए, दोषियों पर कार्रवाई हो और प्रभावित दुकानदारों को मुआवजा व पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
