
जबलपुर। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने जबलपुर से फ्लाइट संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास नहीं किये जाने पर नाराजगी व्यक्त की। युगलपीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि भोपाल तथा इंदौर से संचालित फ्लाइट को जबलपुर से कनेक्ट करने के लिए न्यायिक आदेश जारी किये जाये। युगलपीठ ने असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल को निर्देशित किया है कि अगली सुनवाई के पूर्व संबंधित विभागीय अधिकारी तथा याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं के साथ संयुक्त बैठक करते हुए निर्णय लें और न्यायालय को अवगत करवाये। याचिका पर अगली सुनवाई 6 नवम्बर को निर्धारित की गयी है।
गौरतलब है कि नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की तरफ से दायर जनहित याचिका दायर कर जबलपुर से एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग की गई है। इसके अलावा विधि छात्र पार्थ श्रीवास्तव ने जबलपुर में अन्य शहरों की तुलना में कम फ्लाइट होने को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। याचिकाओं में कहा गया था कि जबलपुर से केवल 9 उड़ानें संचालित हो रही हैं। वहीं तुलनात्मक रूप से जबलपुर से छोटे भोपाल एयरपोर्ट से प्रतिदिन 40 से अधिक उड़ानें हैं। इंदौर से लगभग 80 तथा ग्वालियर से लगभग 25 फ्लाइट संचालित हो रही है। पूर्व में जबलपुर से मुम्बई, पुणे, कोलकाता, बेंगलुरू आदि शहरों के लिए फ्लाइट संचालित होती थी। जबलपुर हवाई अड्डे के उन्नयन पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
पिछली सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने इंडिको एयर लाइंस की मूल कंपनी इंटरग्लोब सहित अन्य विमानन कंपनियों को निर्देषित किया था कि फ्लाइट की संख्या बढाने के लिए केन्द्र व राज्य सरकार से क्या रियायत चाहिये,इस संबंध में सुझाव पेश करें। याचिका की सुनवाई के दौरान विमानन कंपनी की तरफ से उपस्थित अधिवक्ता सिद्धार्थ शर्मा ने न्यायालय को बताया कि सरकार के द्वारा मध्य प्रदेश के लिए आरएफपी जारी की गयी है। इसके अलावा नवम्बर माह से दिल्ली के लिए फ्लाइट प्रारंभ की जायेगी।
याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य सांघी ने युगलपीठ को बताया कि साल 2011 में जबलपुर के हवाई अड्डे के विस्तार और रात में लैंडिंग की सुविधा का वादा किया था। हवाई अड्डे का चार साल पहले विस्तार हुआ था। इसके पहले यह हवाई अड्डा ग्रीनफ़ील्ड में आता था। विस्तार के बाद ब्राउनफ़ील्ड में आ गया और सिर्फ पांच फ्लाइट संचालित हो रही है। रीवा को ग्रीन फील्ड में रखा गया है और जबलपुर से अधिक रीवा से फ्लाइट संचालित हो रही है। दिल्ली के लिए प्रारंभ होने वाली नयी फ्लाइट व पुरानी फ्लाइट के समय में सिर्फ आधे घंटे का समय है।
युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई के दौरान नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि जबलपुर के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जा रहा है। भोपाल को मुख्य प्रशासनिक पीठ तो जबलपुर को मुख्य न्यायिक पीठ बनाया गया था। सिर्फ टूरिज्म की दृष्टि से विमानन कंपनी फ्लाइट संचालन का समय निर्धारित कर रही है। प्रोफेशनल लोगों की सुविधा से फ्लाइट का समय निर्धारित नहीं किया जा रहा है। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किये है।
