छतरपुर। शहर में सरकारी संपत्ति की फर्जी रजिस्ट्री प्रकरण पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के भवन क्रमांक 64, जिसे हाउस ऑफ उमाशंकर दफ्तरीवाला के नाम से जाना जाता है, की अवैध रजिस्ट्री के मामले में थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री आशीष भारती की शिकायत पर की गई है।
इस केस में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) के तहत कुल पाँच आरोपी नामजद किए गए हैं, जिन पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और मिलीभगत का आरोप है।
नामजद आरोपी —
राजेन्द्र नापित – सहायक राजस्व निरीक्षक, नगर पालिका परिषद छतरपुर
दयाराम कुशवाहा – तत्कालीन राजस्व शाखा प्रभारी
उमाशंकर पाल – अस्थायी संविदा श्रमिक
कंसू लाल अहिरवार – प्रभारी उपपंजीयक (वर्तमान तहसीलदार, नौगांव)
रघुनंदन प्रसाद पाठक – रजिस्ट्री लेखक
शिकायत में कहा गया है कि इस रजिस्ट्री के माध्यम से शासकीय संपत्ति को अवैध रूप से निजी हाथों में सौंपने का प्रयास किया गया था। सूत्रों का कहना है कि मामला यहीं नहीं रुकेगा, और जांच में अन्य अधिकारियों और व्यक्तियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं —
सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्ज़ा या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
