
रीवा: सिटी कोतवाली थाना अन्तर्गत एक साल पूर्व सामूहिक दुष्कर्म किये जाने के मामले में 17 वें अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनु सिंह द्वारा अभियुक्तगण को दोषी पाते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है. मामले की पैरवी लोक अभियोजक एड. विकास द्विवेदी द्वारा की गई.लोक अभियोजक विकास द्विवेदी ने बताया कि सिटी कोतवाली थाना अन्तर्गत पाण्डेन टोला में पीडि़ता किराए के मकान में रहकर अपने पति के साथ मजदूरी का काम करती थी.
28 दिसम्बर 2024 की सुबह 10 बजे घर से छोटी दरगाह के तरफ जा रही थी तभी सुबह 9.30 बजे अस्पताल चौराहे के पास दो व्यक्ति मिले और काम पर ले जाने के बहाने अपने साथ लेकर चल दिये और पाण्डेन टोला स्कूल के पास पहुंचने पर पीडि़ता ने पूंछा कि कहा पर काम करना है तो आरोपियो ने बताया कि बस कुछ दूर पर ही घर है. इसके बाद स्कूल के पीछे मैदान में झाडिय़ो के पीछे ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और मारपीट करते हुए किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गये.
किसी तरह पीडि़ता घर पहुंची और पूरी जानकारी पति को दी. उसके बाद सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर प्रकरण दर्ज कराया. पुलिस ने आरोपी धर्मराज बंसल उर्फ धरमू एवं अभिषेक के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू की. जांच के बाद न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया. आरोप सिद्ध होने पर 17 वें अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनु सिंह द्वारा अभियुक्त धर्मराज उर्फ धरमू बंसल एवं अभिषेक को दोषी मानते हुए 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास और 6-6 हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है.
