जबलपुर: वनमाली सप्रे स्मृति महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को सायं खचाखच भरे शहीद स्मारक सभागृह में शास्त्रीय संगीत सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथी डॉ. जगदीश चंद्र गौर, वरिष्ठ चिकित्सक एवं सुरेश अग्रवाल वरिष्ठ प्रचारक, रा. स्व.संघ रहे।
बैंगलोर के 10 वर्षीय बालक ने किया तबला वादन
कार्यक्रम की प्रथम प्रस्तुति में बंगलोर से पधारे 10 वर्षीय बालक मास्टर प्रद्युम्न करपूर का तबला वादन रहा। तालयोगी पंडित सुरेश तलवलकर के युवा शिष्य प्रद्युम्न ने अपने तबला वादन का आरंभ ताल झपताल से किया। इसमें पेशकार, कायदा, मुखडे, तुकडे, रेला, परण, तिहाई, चक्करदार आदि प्रकारो को अत्यंत स्पष्टता एवं शुद्धता के साथ प्रस्तुत कर श्रोताओ को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके साथ हार्मोनियम पर पुणे से पधारे आकार श्रुती ने अत्यंत मधुर एवं सुलझी हुई संगत कर श्रोताओ की वाह- वाही लुटी।
कोलकाता के अयान ने दी सितार वादन की सुमधुर प्रस्तुती
कार्यक्रम के द्वितीय प्रस्तुती में आई.टी.सी. संगीत रिसर्च अकादमी कोलकाता से पधारे अयान सेनगुप्ता ने अपने सितार वादन की सुमधुर प्रस्तुती दी, कार्यक्रम का आरंभ राग शुध्द कल्याण से किया। परंपरागत आलाप, जोड, झाला प्रस्तुत करने के बाद आपने तीनताल ताल में दो बंदिशे प्रस्तुत की। राग की स्पष्टता, लयकारी एवं मधुरता आपके वादन की विशेषता रही. कार्यक्रम का समापन आपने राग हेमंत व धुन से किया। उनके साथ साथ तबले पर पुणे से पधारे अजिंक्य जोशी द्वारा अत्यंत प्रशंसनीय एवं सराहनीय संगत प्रस्तुत की गई।
इनका रहा सहयोग
कार्यक्रम का संचालन प्राध्यापक प्रकाश शिंदे द्वारा किया गया। विशेष सहयोग माधुरी कानिटकर, संजय सोनी, आदित्य सप्रे, आलोक सप्रे का रहा। कार्यक्रम के समापन में आयोजक प्राध्यापक अखिलेश सप्रे द्वारा सभी के प्रति कृतज्ञता एवं आभार व्यक्त किया गया।
