इंदौर: बहुचर्चित 71 करोड़ रुपए के आबकारी फर्जी चालान घोटाले में जिला अदालत ने मुख्य आरोपी और शराब ठेकेदार अंश त्रिवेदी की जमानत याचिका खारिज कर दी. अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की दलीलों को महत्व देते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया.
विशेष न्यायाधीश पीएमएल एक्ट की अदालत में सुनवाई के दौरान अंश त्रिवेदी की ओर से उनके वकील ने जमानत की मांग करते हुए कहा कि आरोपी निर्दोष है और उसने शासन को कोई राजस्व हानि नहीं पहुंचाई.
वकील ने यह भी बताया कि अंश वर्तमान में उदयपुर में इलाजरत हैं, उन्हें पीठ दर्द और डेंगू है, इसलिए उसे जमानत मिलनी चाहिए. वहीं, ईडी के विशेष लोक अभियोजक चंदन ऐरन ने अदालत में जोर देकर कहा कि अंश त्रिवेदी इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड है और उसने शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अगर आरोपी को जमानत दी गई तो वह साक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है. सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी.
