इंदौर: शहर में वाहन चोरी की वारदातें पुलिस के लिए लगातार सिरदर्द बनती जा रही हैं. इस साल के केवल सात महीनों में 1850 वाहन चोरी हो चुके हैं, जिनमें 31 चार पहिया गाड़ियां भी शामिल हैं. जनवरी में चोरी की संख्या सबसे कम 175 थी, जबकि अप्रैल में यह बढ़कर 394 गाड़ियों तक पहुंच गई.जानकारी के अनुसार चोरी की वारदातें शहर के कुछ हॉटस्पॉट क्षेत्रों में अधिक हैं.
लसूड़िया और विजयनगर इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, वहीं एमआईजी, कनाड़िया, खजराना और एमजी रोड से भी बड़ी संख्या में वाहन गायब हुए हैं. पश्चिम क्षेत्र में भंवरकुआं और एरोड्रम क्षेत्र भी लगातार चोरी के मामलों के लिए जाने जाते हैं. पुलिस का कहना है कि गर्मियों में देर रात तक लोग घरों से बाहर रहते हैं, इसका फायदा चोर उठाते हैं. हालांकि अब हर चोरी के मामले में सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूत पुलिस के पास मौजूद हैं.
अधिकारियों ने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है और गिरोहों की सक्रियता पर लगातार नजर रखी जा रही है. एडीसीपी अमरेन्द्र सिंह का कहना है कि पूर्वी क्षेत्र में वाहन चोरी के पीछे देवास के कंजर गिरोह और पश्चिम में धार-टांडा के गिरोह का हाथ है. हमने इस साल कई गिरोहों की पहचान कर सौ से अधिक गाड़ियां बरामद की हैं.
सबसे प्रभावित इलाके
लसूड़िया, विजयनगर सबसे अधिक गाड़ियां चोरी, एमआईजी, कनाड़िया, खजराना, एमजी रोड उच्च संख्या में चोरी, पश्चिम क्षेत्र- भंवरकुआं, एरोड्रम.
मुख्य गिरोह
पूर्वी क्षेत्रः देवास का कंजर गिरोह
पश्चिम क्षेत्रः धार-टांडा गिरोह
