बीना: बीना का सिविल अस्पताल एक बार फिर चर्चा में है। यह विवाद तब गहराया जब पूर्व ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. अरविंद गौर पर रोगी कल्याण समिति के करोड़ों रुपए में अनियमित खर्च और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए। शिकायत की जांच एसडीएम विजय डेहरिया के निर्देशन में गठित समिति द्वारा की गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच में सामने आया कि समिति की बिना अनुमति लाखों रुपए फर्नीचर, एसी और अन्य गैर-जरूरी सामग्रियों पर खर्च किए गए, जबकि यह राशि मरीजों की सुविधाओं जैसे दवाओं और पलंगों के लिए निर्धारित थी।
जांच समिति ने पाया कि डॉ. गौर ने बिना बैठक और अनुमोदन के करीब 36 लाख रुपये स्वयं के चेंबर और अन्य गैर-जरूरी कार्यों पर खर्च किए। कई डॉक्टरों का वेतन भी बिना ड्यूटी उपस्थिति के आहरित किया गया, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।इस बीच, एसडीएम विजय डेहरिया ने अस्पताल में व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई।
हाल ही में उन्होंने सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया, जहां गंदगी फैला रहा वाटर कूलर हटवाया, वाहन पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए, और डेंटल यूनिट पुनः चालू कराने के प्रयास शुरू किए। उनके प्रयासों से अस्पताल को दो इनवर्टर भी प्राप्त हुए हैं। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि एसडीएम के कार्यभार संभालने के बाद अस्पताल में व्यवस्थागत सुधार स्पष्ट रूप से देखने को मिले हैं।
