हेलमेट से 42 प्रतिशत मौत का जोखिम होता है कम, 69 फीसदी गंभीर चोटों का खतरा टलता है

नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर (वार्ता) राजधानी दिल्ली में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोग अपनी जान गंवाते हैं, जिनमें सबसे ज़्यादा संख्या दोपहिया वाहन चालकों की होती है। इसका सबसे बड़ा कारण हेलमेट न पहनना है।

दिल्ली के यातायात पुलिस विशेष आयुक्त अजय चौधरी ने हाल ही में आयोजित एक जागरूकता अभियान के दौरान बताया कि एक अध्ययन में यह पाया गया है कि हेलमेट पहनने से सड़क दुर्घटनाओं में मौत का जोखिम 42 प्रतिशत कम हो जाता है और सिर में गंभीर चोट लगने का खतरा 69 फीसदी तक कम हो जाता है। यह अभियान ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रोपीज़ (इनिशिएटिव फॉर ग्लोबल रोड सेफ्टी) के सहयोग से जीपीओ गोल मार्केट में आयोजित किया गया था, जिसका मुख्य थीम ‘नतीजा’ था।

यातायात पुलिस के मुताबिक, हेलमेट पहनने के नियम को सिर्फ जुर्माना वसूलने के लिए लागू नहीं किया जा रहा है, बल्कि इसका मकसद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अजय चौधरी ने कहा कि जब ट्रैफिक पुलिस आपसे सही तरीके से हेलमेट पहनने को कहती है, तो यह आपकी खुद की सुरक्षा के लिए होता है।

इस मौके पर नई दिल्ली रेंज के उपायुक्त राजीव कुमार ने शुक्रवार को बताया कि इस कार्यक्रम में स्कूल के छात्र-छात्राओं, मीडियाकर्मियों और आम जनता ने हिस्सा लिया। जागरूकता अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 55 लोगों का चालान काटा गया, जबकि सही तरीके से हेलमेट पहनने वाले चालकों को स्कूली बच्चों ने गुलाब के फूल देकर सम्मानित किया।

यातायात पुलिस ने इस साल की शुरुआत से ही बाइक चालकों के लिए डेटा-आधारित और लक्षित अभियान चलाए हैं, ताकि उन्हें हेलमेट पहनने के महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके और सड़क पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

 

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