विषयों का आनंद छूटे तो उमड़ता है प्रभुभक्ति का सागर

भोपाल। श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के छठे दिवस श्री विद्याप्रमाण गुरुकुलम् में मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने कहा कि जब विषयों का आनंद छूटता है, तभी प्रभु भक्ति का आनंद हिलोरें मारता है। उन्होंने कहा कि विषयभोगों का सुख बच्चों की रबर निप्पल समान है, जो असली संतुष्टि नहीं देता। आत्मा से मिलने वाला सुख ही स्थायी और चिरकालिक है। मुनि श्री ने 148 कर्म प्रकृतियों की व्याख्या करते हुए कहा कि प्रभु भक्ति का आनंद आत्मा को शुद्ध करता है। रविवार को विधान समापन और जिनेन्द्र भगवान की रथयात्रा निकाली जाएगी। कार्यक्रम में मुनि संधानसागर सहित समस्त संघ उपस्थित रहा तथा शाम को शंका समाधान और समवसरण महाआरती संपन्न हुई।

 

Next Post

सिंधिया 12 अक्टूबर को पिछोर का दौरा करेंगे

Fri Oct 10 , 2025
शिवपुरी: संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 12 अक्टूबर को शिवपुरी जिले के पिछोर का दौरा करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय मंत्री सिंधिया 12 अक्टूबर को दोपहर 1.45 बजे तहसील पिछोर पहुंचेंगे और स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। तत्पश्चात अपराह्न 4 बजे ग्वालियर के लिए प्रस्थान करेंगे […]

You May Like