
मंडला: मंडला जिले के बीजाडांडी और नारायणगंज क्षेत्र के किसानों ने बरगी बांध से लिफ्ट सिंचाई परियोजना के वादे के बदले में गुपचुप तरीके से एक बड़ी पंप स्टोरेज हाइड्रो पावर परियोजना को बढ़ावा दिए जाने पर गहरा विरोध जताया है। किसानों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विगत विधानसभा चुनाव के दौरान सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते की उपस्थिति में चार लिफ्ट सिंचाई योजनाओं को मंजूरी देने की घोषणा की थी, जिसका वे 2023 से बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
लिफ्ट सिंचाई की जगह 1000 मेगावॉट की परियोजना
किसानों के इंतजार के बीच पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की वेबसाइट से एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। क्षेत्रीय ग्राम सभाओं को विश्वास में लिए बिना बरगी ओपन पंप स्टोरेज हाइड्रो पावर परियोजना को परियोजना प्रवर्तक सिरेन्टिका रिन्यूएबल्स इंडिया 21 प्राईवेट लिमिटेड द्वारा प्राप्त करने के लिए विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति के समक्ष भेजा गया है। बताया गया कि ईएसी की बैठक आगामी 13 अक्टूबर को प्रस्तावित है। बताया गया कि यह परियोजना पिंडरई माल सहजपुरी, सलैया माल (बरंगाडा), जमठार, खापा, निवारी और पोंडी (बीजाडांडी) जैसे गांवों में प्रस्तावित है, जिससे स्थानीय लोग अचंभित हैं और सवाल कर रहे हैं कि उनकी लिफ्ट सिंचाई योजना का क्या हुआ।
पंप स्टोरेज ऐसे होती है बिजली उत्पादन :
पंप स्टोरेज पावर प्लांट एक जलविद्युत प्रणाली है जिसमें बिजली की मांग कम होने पर पानी को निचले जलाशय से ऊपरी जलाशय तक पंप किया जाता है। जब बिजली की मांग अत्यधिक होती है, तो यह पानी वापस छोड़ा जाता है, जो टर्बाइन-जनरेटर को घुमाकर बिजली पैदा करता है। इस प्लांट में रिवर्सिबल टर्बाइन-पंप लगे होते हैं, जो दोनों काम (पंपिंग और बिजली उत्पादन) कर सकते हैं।
इनका कहना है
क्षेत्र के किसानों को जब-तक सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल जाता है, तब तक नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के किसी भी परियोजना को क्षेत्र में नहीं लगने दिया जाएगा। क्षेत्रीय किसानों और विस्थापित संघ ने इस परियोजना का कड़ा विरोध करने की चेतावनी दी है।
झाम सिंह तेकाम, युवा किसान, पिंडरई
हम लिफ्ट सिंचाई परियोजना के लिए मंडला से भोपाल तक प्रशासनिक स्तर पर लगातार फॉलोअप कर रहे हैं। परन्तु आम लोगों का जरूरी काम पूंजीपतियों के सामने कोई महत्व नहीं रखता है। क्षेत्रीय लोगों द्वारा पम्प स्टोरेज परियोजना का जमकर विरोध किया जाएगा।
राजेन्द्र पुट्टा, जनपद सदस्य, बीजाडांडी
बरगी बांध से तो जल विद्युत उत्पादन पहले से ही हो रहा है। बावजूद इसके अब कंपनियों ने जलाशय के ईर्द-गिर्द बिजली उत्पादन का एक नया जाल खड़ा करना शुरू कर दिया है। इसमें चुटका एवं किंदरई परमाणु परियोजना, झाबुआ पावर प्लांट, जलाशय में फ्लोटिंग सोलर पैनल और अब पंप स्टोरेज बिजली परियोजना शामिल हैं।
राज कुमार सिन्हा, बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ
