नयी दिल्ली 09 अक्टूबर (वार्ता) भारत और आस्ट्रेलिया ने स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए क्षेत्रीय भागीदारों के साथ सहयोग बढ़ाने के महत्व को दोहराते हुए क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप नौवहन की स्वतंत्रता और निर्बाध व्यापार के प्रति वचनबद्धता व्यक्त की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरूवार को आस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में आस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस के साथ पहले आस्ट्रेलिया-भारत रक्षा मंत्री संवाद के दौरान इस बारे में व्यापक चर्चा की।
दोनों मंत्रियों की वार्ता के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है, ” मंत्रियों ने एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बनाए रखने में मदद के लिए क्षेत्रीय भागीदारों के साथ सहयोग बढ़ाने के महत्व पर ज़ोर दिया। मंत्रियों ने नौवहन और उड़ान की स्वतंत्रता, क्षेत्र में निर्बाध व्यापार, और अंतर्राष्ट्रीय कानून विशेष रूप से 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन के अनुरूप समुद्र के अन्य वैध उपयोगों के लिए अपने दृढ़ समर्थन पर ज़ोर दिया।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने सीमा पार आतंकवाद और साझा क्षेत्रीय स्थिरता पर ऑस्ट्रेलिया के दृढ़ समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर स्वतंत्र, खुले और लचीले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए सहयोग को और प्रगाढ करेंगे।
श्री सिंह ने कहा,” ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस के साथ एक सार्थक बैठक हुई। हमने रक्षा उद्योग, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय चुनौतियों सहित भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा सहयोग के संपूर्ण आयाम की समीक्षा की। हमने अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के महत्व की पुनः पुष्टि की। मैंने भारत के रक्षा उद्योग के तीव्र विकास और वैश्विक स्तर पर उच्च-गुणवत्ता वाली रक्षा तकनीक के एक विश्वसनीय स्रोत के रूप में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा पर प्रकाश डाला। हमने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा उद्योग में गहरी साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की। मैं सीमा पार आतंकवाद और साझा क्षेत्रीय स्थिरता पर ऑस्ट्रेलिया के दृढ़ समर्थन के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूँ। हम सब मिलकर एक स्वतंत्र, खुले और लचीले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए सहयोग को और गहरा करेंगे।”
