उज्जैन के मेडिकल संचालकों में मचा हडकंप, दवा माफियाओं पर शिकंजा

उज्जैन: जानलेवा कफ सिरप को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह नगर उज्जैन में भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट हो गया है और एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया गया है. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक पटेल और ड्रग इंस्पेक्टर देशराज सिंह के नेतृत्व में शहर के मेडिकल स्टोर्स की जांच पड़ताल शुरू कर दी है, नवभारत ने मंगलवार को प्रमुखता से इस संबंध में खबर प्रकाशित की थी.

ड्रग इंस्पेक्टर देशराज सिंह की टीम ने दर्जनों मेडिकल स्टोर्स की गहन जांच की है और कई मेडिकल से दवाओं के सैंपल लिए हैं. जांच के दौरान कुछ मेडिकल स्टोर्स पर ऐसे कफ सिरप मिले, जिन्हें उन्होंने ऑर्डर करके मंगवा तो लिया था, उन्हें बेचा नहीं गया था. एहतियात के तौर पर ऐसे सभी सिरप डीलर को वापस भिजवा दिए गए हैं.

स्टॉक रजिस्टर की जांच
वर्तमान में सभी मेडिकल स्टोर्स के स्टॉक रजिस्टर की गहनता से जांच की जा रही है और प्रतिबंधात्मक कफ सिरप पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश हैं. साथ ही बिक्री के लिए नई गाइडलाइन जारी की है, जिसका पालन करना मेडिकल संचालकों के लिए अनिवार्य है.

बिना प्रिस्कि्रप्शन बिक्री पर रोक
अब डॉक्टर के प्रिस्कि्रप्शन (पर्चे) के बगैर कफ सिरप नहीं दिए जा सकते हैं.खास तौर पर 4 साल तक के बच्चों के लिए सिरप देने में अत्यधिक एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

जागरूकता अभियान
परिजनों से लेकर मेडिकल संचालकों को जागरूक किया जा रहा है. सोशल मीडिया और मेडिकल स्टोर्स पर पर्चे चिपकाकर भी नई गाइडलाइन के पालन की जानकारी दी जा रही है.

ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम सक्रिय
नवभारत से हुई चर्चा में ड्रग इंस्पेक्टर देशराज सिंह ने बताया कि उज्जैन में कुल तीन ड्रग इंस्पेक्टर हैं. सरकार और सीएमएचओ के दिशा-निर्देशों में यह अभियान शुरू किया गया है. ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि मेडिकल स्टोर ही नहीं अगले चरण में फैक्ट्री कारखाने में भी जांच पड़ताल की जाएगी.

छिंदवाड़ा भेजे गए इंस्पेक्टर
उज्जैन के एक ड्रग इंस्पेक्टर धर्म सिंह कुशवाहा को विशेष रूप से छिंदवाड़ा भेजा गया है. वे छिंदवाड़ा के परसिया में हुई घटना के मामले में जायजा लेंगे और यह जानेंगे कि क्या एहतियाती उपाय बरते जा रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

मेडिकल संचालकों में मचा हड़कंप
ड्रग इंस्पेक्टर देशराज सिंह ने बताया कि फिलहाल उज्जैन में किसी भी मेडिकल स्टोर पर हानिकारक या प्रतिबंधात्मक कफ सिरप या अन्य दवाइयों का जखीरा नहीं पकड़ा गया है, जांच और सतर्कता का अभियान लगातार जारी रहेगा. नोटिस चस्पा करने और स्टॉक रजिस्टर चेक करने का काम तेज़ी से चल रहा है. यह अभियान सुनिश्चित करने के लिए है कि राज्य में दवाओं की बिक्री पूरी तरह से सुरक्षित और नियमों के अनुसार हो, हालांकि जांच -पड़ताल से मेडिकल संचालकों में हड़कंप पहुंच गया.

 

 

 

कोल्डि्रफ सहित दो सिरप और किए प्रतिबंध
रिसपी सिरप व रेस्पीफ्रेश सिरप को भी प्रतिबंधित किया गया है. अतः उज्जैन जिले में तीनों अमानक दवाओं में से किसी भी दवा का क्रय-विक्रय किसी भी मरीज को नहीं किया गया है. इधर, जिस कोल्डि्रफ कफ सिरप से छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत हुई है उसके सहित तीनों कफ सिरप अब मेडिकल पर बेचना प्रतिबंधित किया गया है.

Next Post

बाजार अव्यवस्था बनी चुनौती: यातायात और बैठक व्यवस्था बेपटरी

Wed Oct 8 , 2025
ब्यावरा। काफी प्रयासों के बावजूद भी नगर की यातायात एवं बाजार बैठक व्यवस्था सुधर नहीं सकी है. बाजार में व्याप्त अव्यवस्थाओं के कारण राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आगामी त्यौहार के समय हालात कहीं अधिक परेशानी भरे होंगे. गौरतलब […]

You May Like