
जबलपुर। नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर शहर में आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। राजेश्वरी धूमावती शक्तिपीठ की अधिष्ठात्री देवी माँ बूढ़ी खेरमाई का जवारा चल समारोह रविवार को पूरे वैदिक रीति-रिवाज और श्रद्धा के साथ निकाला गया। मंदिर के व्यवस्थापक पंडित सौरभ दुबे ने बताया कि शोभायात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु, बाने, कलश, ज्योतियां, खप्पर आदि के साथ शामिल हुए। साथ ही 21 फनी का बाना और अग्नि झूला विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इसके अतिरिक्त वाराणसी से आए 108 डमरू वादक, बैंड, 1008 दीपों से हुई महाआरती और भव्य आतिशबाजी ने पूरे वातावरण को दिव्यता से भर दिया।
इन मार्गों से निकली शोभायात्रा
जावरा विसर्जन शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर मछरहाई, छोटा फुहारा, तमरहाई चौक, दीक्षितपुरा, पांडे चौक, बड़ा फुहारा, सराफा और कोतवाली से होते हुए हनुमानताल में विधिवत रूप से जवारे विसर्जित किए गए। शोभायात्रा मार्ग पर बड़ी संख्या में पुलिस बल चप्पे- चप्पे पर तैनात रहा, साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों ने भी जवारा चल समारोह में निगरानी रखी।
