
ग्वालियर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 साल पूर्ण होने पर शहर की प्रत्येक बस्ती से पथ संचालन निकाला जा रहा है। ग्वालियर में 2 अक्टूबर से 12 तक यह पथ संचलन निकाले जाएंगे। रविवार को शहर की अनेकों बस्तियों से पथ संचलन निकाले गए। पथ संचलन के अंत में स्वयंसेवकों ने संघीय प्रार्थना की और पंच परिवर्तन का संकल्प लिया।
पंच परिवर्तन में पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, समरसता, स्वदेशी और नागरिक शिष्टाचार के महत्वों पर संघ के अधिकारियों ने अपने विचार प्रकट किए और अंत में इनका पालन करने की स्वयं सेवकों को शपथ दिलाई गई।
रविवार को जिले के 23 स्थानों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन निकाले गए। पथ संचलन प्रत्येक बस्ती से होते हुए एक निर्धारित स्थान पर पहुंचा। कई जगहों पर दो बस्तियों के पथ संचलन का संगम हुआ और वहां से यह वापिस अपने-अपने स्थानों पर पहुंचे। जिस जगह से पथ संचलन प्रारंभ हुआ था, वहीं पर वापस पहुंच कर इसका समापन किया गया। समापन अवसर पर पथ संचलन का महत्व, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल के इतिहास के बारे में अधिकारियों ने अपने विचार प्रकट किए।
पथ संचलन का अनेकों स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। शांतिपूर्ण तरीके से कदमताल करते हुए कंधे पर दण्ड लेकर एक जैसे गणवेश में चल रहे स्वयं सेवकों को देखकर लोग भी हैरान हुए, क्योंकि अभी तक स्वयं सेवक संघ सिर्फ दशहरे पर एक निर्धारित स्थान से यह संचलन निकालता था, लेकिन इस बार यह शहर की प्रत्येक बस्ति से निकाला जा रहा है, जिसके कारण अनेकों लोगों ने अपने जीवन में पहली बार पथ संचलन देखा है।
