नयी दिल्ली, 03 अक्टूबर (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पणजी क्षेत्रीय कार्यालय ने हाल ही में रंगगीता एंटरप्राइजेज से जुड़े मामले में गोहिल जयकुमार और अन्य संबद्ध लोगों की विभिन्न तरह की चल और अचल संपत्ति कुर्क की है।
इनमें 61.53 लाख रुपये मूल्य के दो आवासीय फ्लैट, एक सावधि जमा और इक्विटी शेयरों के रूप में अन्य चल और अचल संपत्तियां शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ईडी ने गोवा पुलिस के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा गोहिल और अन्य के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की। प्राथमिकी और आरोप पत्र के अनुसार गोहिल और उसके सहयोगियों ने धोखाधड़ी वाली निवेश योजनाओं को अंजाम दिया, जिसके माध्यम से जनता से 9.33 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की गयी।
ईडी की जांच से पता चला है कि गोहिल, गोवा और गुजरात में विभिन्न कार्यालयों वाली अपंजीकृत संस्था रंगगीता एंटरप्राइजेज के माध्यम से काम कर रहा था उसने 20 प्रतिशत प्रति माह तक के अत्यधिक और अवास्तविक रिटर्न का वादा करके जनता से निवेश आकर्षित किया।
निवेशकों का पैसा सीधे गोहिल और उसके एजेंटों के निजी बैंक खातों में जमा किया जाता था। यह योजना एक पोंजी योजना के रूप में काम करती थी और अप्रैल-मई 2022 में तब ध्वस्त हो गई ,जब निकासी नये निवेश से अधिक हो गयी
इससे इस बात की पुष्टि हो गयी कि कि अपराध से प्राप्त धन (पीओसी) को किसी वैध व्यवसाय में नहीं लगाया गया था बल्कि निजी लाभ के लिए उसका गबन किया गया था। इसमें अचल संपत्तियों की खरीद, व्यक्तिगत निवेश, एक फिजूलखर्ची वाली जीवनशैली का वित्तपोषण और अन्य व्यक्तिगत खर्च शामिल थे। मामले की आगे की जाँच जारी है।
