
हरपालपुर। दुर्गा प्रतिमाओ के विसर्जन के बाद, अंचल में विजयादशमी का पर्व परंपरागत, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया ,रामलीला मैदानों और विभिन्न स्थलों पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान लोगों ने भगवान श्रीराम की लीलाओं का मंचन देखा और अच्छाई की बुराई पर विजय का संदेश दिया,इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया,स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए थे,धार्मिक व सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष पेट्रोलिंग व्यवस्था जारी रखी, बाजारों में दिनभर चहल पहल रही,बच्चों सहित परिवारों ने झूलों, खाने-पीने के स्टॉल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ उठाया धार्मिक दृष्टि से दशहरा पर्व को प्रभु श्रीराम द्वारा रावण का वध कर असत्य पर सत्य की जीत माना जाता है, जिसे न्याय और धर्म की स्थापना का प्रतीक समझा जाता है। वहीं, सामाजिक स्तर पर यह पर्व बुराइयों को त्यागकर अच्छाइयों को अपनाने का संदेश देता है।
