
राजगढ़। सागर जिले के जैसीनगर का नाम बदल कर जयशिवनगर करने की घोषणा का विरोध करते हुए दांगी क्षत्रिय समाज ने ज्ञापन सौंपा है.
राजगढ़ में सौंपे ज्ञापन में कहा है कि मुख्यमंत्री को नाम बदलने की आवश्यकता क्यों पड़ी. क्या शहर की जनता ने मांग की थी, क्या नगर का नाम किसी विदेशी आक्रांता के नाम पर था. इस नगर की स्थापना दांगी शासक राजा जयसिंह जूदेव ने 16-17 वीं सदी में की थी और उन्हीं के नाम पर इसका नाम जैसीनगर पड़ा. ज्ञापन में कहा है कि मुख्यमंत्री डा. यादव ने खाद्य मंत्री और सुरखी विधायक गोविंद सिंह राजपूत के इशारे पर इस क्षेत्र का नाम बदला है. क्या किसी नगर का नाम उस नगर के संस्थापक हिन्दू राजा के नाम पर होना पाप हैं, क्या जिन दांगी वीरों ने युद्धों में मुगलों से तथा 1857 की क्रांति से लेकर आजादी तक अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी और अनेकों कुर्बानियां दी. अगर उनके गौरव पर किसी नगर का नाम हैं तो आपत्ति क्यों होनी चाहिए. दांगी क्षत्रिय समाज पूरे देश एवं मध्यप्रदेश में निवासरत हैं और आपके इस निर्णय से दुःखी और आक्रोशित है. हम मांग करते हैं कि दांगी क्षत्रिय समाज का बुंदेलखंड के गौरव दांगी क्षत्रिय राजपूत समाज का मान और सम्मान बना रहना चाहिए हैं.
