इंदौर:प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध कॉलोनी काटकर प्लॉट बेचने के मामले में आज 17 कॉलोनाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए है. आयुक्त के उक्त कॉलोनाइजर ने अपील की थी. अपील में भी सिद्ध हुआ कि कॉलोनी की अनुमति नहीं ली गई है. प्रशासन अभी तक 89 से ज्यादा कॉलोनाइजर पर एफआईआर दर्ज करवा चुका है.प्रशासन ने आज फिर सनावदिया गांव में 1 हैक्टेयर पर 80 प्लाट काटकर बेचने वाले कॉलोनाइजर पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे.
इसमें अंसार पिता अमीर और मुकेश चौहान नई बस्ती पालदा ने आयुक्त की कोर्ट में अपील की थी कि उनका पक्ष ठीक से सुना नहीं गया. आयुक्त कोर्ट में प्रशासन और कॉलोनाइजर का पक्ष सुनने के बाद प्रशासन की कारवाई को साथ ठहराया. जांच में पाया कि कॉलोनाइजर के पास वैध कॉलोनी का लाइसेंस नहीं है और अवैध तरीके से प्लॉट बेचे गए हैं. प्रशासन की अवैध कॉलोनाइजर पर लगातार कारवाई जारी है.
प्रशासन ने आज ग्रामीण क्षेत्रों के 17लोगों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं. उनमें ग्राम सनावदिया, सांवेर, महू, राऊ और देपालपुर तहसील शामिल है. उक्त गावों में कॉलोनाइजर ने अवैध रूप 10 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा कर या दूसरे जमीन अपनी बताकर प्लॉट बेच दिए. साथ ही किसी प्रकार की कोई कॉलोनी की अनुमति नहीं ली. प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों के 17लोगों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए है. बताया जाता है कि उक्त 17 लोगों ने 500 सौ से ज्यादा अवैध प्लॉट बेच डाले, जिनका बजाए मूल्य वर्मन में 50 से 60 करोड़ रुपए है.
130 से ज्यादा लोगों की सूची बनाई
अपर कलेक्टर गौरव बेनल ने बताया कि 17 लोगों के खिलाफ जांच रिपोर्ट के आधार पर फिर से करने के आदेश दिए है. प्रशासन ने करीब 130 से ज्यादा लोगों की सूची बनाई है, जिन्होंने अवैध कॉलोनी या अन्य जमीनों पर प्लॉट कटकर बेचे है. आज इसी कड़ी में 17 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कारवाई के निर्देश दिए हैं.
