भोपाल:मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग एवं भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, नई दिल्ली के सहयोग से रविंद्र भवन मुक्ताकाश मंच पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय श्रीरामलीला उत्सव के पांचवें दिन मलेशिया के वेहारा आर्ट्स और चित्रकूट के श्रीलीला गुरुकुल संस्थान के कलाकारों ने प्रस्तुति दी।वेहारा आर्ट्स, मलेशिया ने भरतनाट्यम, ओडिसी और समकालीन नृत्य शैली में रामायण में नवरस प्रस्तुत किया। प्रेम, शौर्य, करुणा, हास्य, भय, क्रोध और शांति के भावों का संगम दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया।
इसके बाद चित्रकूट के कलाकारों ने शबरी प्रसंग, श्रीराम सुग्रीव मैत्री, बालि वध और हनुमान के लंका गमन का मंचन किया। शबरी द्वारा प्रेमपूर्वक अर्पित बेरों को श्रीराम ने भक्ति का प्रसाद मानकर स्वीकार किया। राम सुग्रीव मैत्री ने आगे सीता उद्धार का मार्ग प्रशस्त किया, वहीं बालि वध और हनुमान के लंका गमन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।उत्सव को बड़ी संख्या में दर्शकों की उपस्थिति मिली। छठे दिन सुप्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा भजनों की लाइव प्रस्तुति देंगे।
