इटारसी। सामान्य वनमंडल अंतर्गत सागौन तस्करों और माफियाओं के खिलाफ वन विभाग ने ‘ऑपरेशन माफिया’ नामक विशेष अभियान की शुरुआत की है। सीसीएफ अशोक कुमार और डीएफओ मयंक गुर्जर के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान ने जिले के सागौन कारोबारियों में खलबली मचा दी है।
पहले दिन की कार्रवाई:
डीएफओ मयंक गुर्जर ने जिले भर के वन अमले को जुटाकर अचानक इटारसी और केसला क्षेत्र में फर्नीचर दुकानों की जांच शुरू की। इस दौरान केसला, पुरानी इटारसी और न्यास कॉलोनी स्थित तीन दुकानों को सील किया गया। न्यास कॉलोनी की एक दुकान से कटर मशीन सहित एक लाख से अधिक कीमत की अवैध सागौन चिरान जब्त की गई। वहीं, पुरानी इटारसी की एक दुकान को वैध दस्तावेज न होने पर सील कर दिया गया।
दूसरे दिन की कार्रवाई:
अभियान के दूसरे दिन डीएफओ मयंक गुर्जर और एसडीओ मानसिंह मरावी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय नर्मदापुरम में सघन जांच अभियान चलाया गया। मालाखेड़ी, छोटी पहाड़िया सहित आसपास की कुल 47 फर्नीचर दुकानों की जांच की गई। अनियमितताएं पाए जाने पर तीन दुकानों को सील किया गया, जिनमें शारदा फर्नीचर मार्ट की दो शाखाएं और एक अन्य दुकान शामिल हैं। जांच के दौरान तीन मशीनें भी जब्त की गईं।
अब तक की उपलब्धियां और रणनीति:
दो दिनों की कार्रवाई में कुल 6 फर्नीचर दुकानें सील की गईं और 4 मशीनें जब्त की गई हैं। साथ ही, लाखों रुपए की अवैध सागौन चिरान भी बरामद की गई है। अचानक शुरू हुए इस अभियान से सागौन तस्करों में अफरा-तफरी का माहौल है। जानकारी लगते ही कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए।
डीएफओ मयंक गुर्जर ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन माफिया लगातार जारी रहेगा। इस विशेष अभियान में एसडीओ मानसिंह मरावी सहित जिले के सभी रेंज और सर्किल के अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल रहे।
