नई दिल्ली, 27 सितंबर 2025: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखने के भारत के फैसले का पुरजोर बचाव किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि यदि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस से तेल खरीदना बंद करता है, तो “पूरी दुनिया को इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।” पुरी ने यह बयान उन अंतरराष्ट्रीय दबावों और आलोचनाओं के जवाब में दिया है, जिनमें भारत पर रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच रूसी तेल खरीद को रोकने का दबाव बनाया जा रहा है।
दुनिया पर पड़ने वाले गंभीर नतीजे
पुरी ने तर्क दिया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है और यदि वह रूस से रियायती दर पर तेल खरीदना बंद कर देता है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल आएगा। उन्होंने कहा, “भारत की विशाल ऊर्जा मांग को पूरा करना हमारी पहली प्राथमिकता है। यदि हम अचानक अपनी खरीद का स्रोत बदल देते हैं, तो वैश्विक आपूर्ति-मांग संतुलन बुरी तरह प्रभावित होगा, जिससे वैश्विक मुद्रास्फीति बढ़ेगी और दुनिया के गरीब देशों पर बोझ पड़ेगा।”
ऊर्जा सुरक्षा भारत की प्राथमिकता
मंत्री हरदीप पुरी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी राष्ट्रीय आवश्यकताओं और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए ही अपने ऊर्जा व्यापार संबंधी निर्णय लेता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यह समझने का आग्रह किया कि भारत की मजबूरी और बुद्धिमत्ता पूर्ण फैसला वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता के लिए आवश्यक है।

