
भोपाल: मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के हालिया बयान ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। शाजापुर में एक कार्यक्रम में उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि चौराहे पर बहन को चूमना हमारी संस्कृति नहीं है और हमारे यहां बहनों के गांव में पानी भी नहीं पिया जाता। उनका यह कहना राहुल गांधी पर कटाक्ष था। क्योंकि वायनाड चुनाव के दौरान बहन प्रियंका को चूमती उनकी तस्वीर तस्वीर आई थी। आज मप्र महिला कांग्रेस ने उसी बयान पर आपत्ति
ली। इससे पहले भी विजयवर्गीय ने महिलाओं के पहनावे पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि पश्चिमी परिधान पहनने वाली महिलाएँ उन्हें पसंद नहीं हैं और कुछ महिलाएँ देवी स्वरूप न लगकर “शूर्पणखा” जैसी प्रतीत होती हैं।
आज प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष विभा पटेल और प्रवक्ता अपराजिता पांडेय ने संयुक्त प्रेसवार्ता में कहा कि यह बयान न केवल महिलाओं की गरिमा बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता पर भी चोट है। उन्होंने आँकड़े प्रस्तुत किए कि प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 18-20 बलात्कार होते हैं और जनवरी 2024 से जून 2025 तक 21,000 से अधिक महिलाएँ और बालिकाएँ लापता हुईं।
महिला कांग्रेस ने मांग की है कि विजयवर्गीय माँ दुर्गा के समक्ष सार्वजनिक माफी माँगें या मुख्यमंत्री उन्हें तुरंत बर्खास्त करें। चेतावनी दी गई कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन सड़क से लेकर विधानसभा तक जारी रहेगा। विभा पटेल ने कहा, महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं होगा। हर बहन-बेटी की सुरक्षा और सम्मान के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
