
इंदौर. शहर से करीब 200 किलोमीटर दूर बड़वानी के जंगलों में इंदौर वन विभाग की रालामंडल रेस्क्यू टीम ने खतरनाक मादा तेंदुए को पकड़ने में सफलता हासिल की है. यह वही तेंदुआ है जिसने दो मासूम बच्चों को मारकर खा लिया और एक महिला को गंभीर रूप से घायल किया था.
एसडीओ रालामंडल योहान कटारा ने बताया कि तेंदुए की उम्र लगभग 6 साल है और पिछले महीने से यह गांववासियों के लिए बड़ी समस्या बन गई थी. ग्रामीणों ने कई बार इसके साथ दो शावक तेंदुओं को भी जंगलों में घूमते देखा. इसे पकड़ने के लिए रालामंडल रेस्क्यू टीम ने करीब एक माह का समय लगाया और कई प्रयासों के बाद चार-पाँच पिंजरे लगाए. रेस्क्यू ऑपरेशन में मक्का के खेत और घने जंगलों के कारण टीम को कई बाधाओं का सामना करना पड़ा. इस दौरान उज्जैन, खंडवा और होशंगाबाद से रेस्क्यू स्पेशलिस्ट टीम और टाइगर स्ट्राइक फोर्स के डॉग स्क्वाड को बुलाया. अंततः शाम मादा तेंदुआ पिंजरे में फंस गई और उसे रात में जंगल में छोड़ दिया. एसडीओ कटारा ने कहा कि यह ऑपरेशन अब तक का सबसे खतरनाक और जटिल रेस्क्यू था.
