
सागर। शासकीय स्वशासी कन्या स्नातकोत्तर उत्कृष्टता महाविद्यालय, सागर के मनोविज्ञान विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अहम पहल करते हुए सागर माइंड केयर (एकता ज्योति वेलफेयर सोसायटी) के साथ शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया।
इस समझौते पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आनंद तिवारी और सागर माइंड केयर के निदेशक एवं सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. एस.के. गुप्ता ने हस्ताक्षर किए। प्राचार्य डॉ. तिवारी ने बताया कि इस एमओयू का उद्देश्य छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यवहारिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और शोध के अवसर उपलब्ध कराना है।
डॉ. एस.के. गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय में छात्र-छात्राएं मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं, जिससे उनके बौद्धिक और मानसिक विकास पर असर पड़ता है। सागर माइंड केयर संस्था छात्राओं की काउंसलिंग कर उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य करेगी।
इस पहल को सफल बनाने में मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अश्विनी सूर्यवंशी और सहायक प्राध्यापक डॉ. नरेश कुमार नेमा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रयासों से विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यक्षेत्र का अनुभव प्राप्त होगा।
समझौते के तहत छात्राओं को काउंसलिंग, मनोवैज्ञानिक आकलन, केस डॉक्यूमेंटेशन और इंटरवेंशन प्लानिंग में व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, तनाव प्रबंधन, नशा मुक्ति तथा किशोर एवं महिला मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों पर संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा।
महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह समझौता न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करेगा, बल्कि छात्राओं को व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने में भी सहायक होगा। इस अवसर पर डॉ. एम.एम. चौकसे, डॉ. नवीन गिडियन, डॉ. अंजना नेमा, डॉ. पद्मा आचार्य, डॉ. संजय खरे और सौरभ कुशवाहा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
