रायसेन: बाड़ी कस्बे में स्थित प्राचीन मां हिंगलाज देवी मंदिर श्रद्धा और विश्वास का अनूठा प्रतीक है। मान्यता है कि यहां मां हिंगलाज देवी पांच शताब्दियों से अखंड ज्योति स्वरूप में विराजमान हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं। मंदिर की स्थापना का इतिहास भी अद्वितीय है,कहा जाता है कि लगभग 500 वर्ष पूर्व मां ने अपने परम भक्त महंत भगवान दास को स्वप्न में दर्शन दिए और पाकिस्तान के बलूचिस्तान से ज्योति स्वरूप को लाकर यहां प्रतिष्ठित करने का आह्वान किया। तभी से यह स्थान शक्ति का प्रबल केंद्र बना हुआ है।
देशभर से आने वाले श्रद्धालु अपने अनुभवों को मां की कृपा का प्रमाण मानते हैं। कई भक्तों का कहना है कि यहां आकर उन्हें वही स्नेह और शांति मिलती है, जैसे मां की गोद में शिशु को मिलता है। किसी ने मां की कृपा से संतान सुख पाया तो कोई पीढ़ियों से नवरात्रों पर यहां दर्शन करता आ रहा है। मंदिर के पुजारी भी बताते हैं कि मां के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता।देश के 51 शक्तिपीठों में गिने जाने वाले इस मंदिर को लेकर भक्तों का अटूट विश्वास है कि मां हिंगलाज देवी की शरण में आने से हर दुःख दूर होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है।
