भारतीय दल ने श्रीलंका को सिखाये मनी लांडरिंग,आतंकवाद के लिए धन से निपटने के तरीके

कोलंबो / नयी दिल्ली, 23 सितंबर (वार्ता) भारत के वित्त मंत्रालय के एक अधिकारियों की एक टीम ने धन शोधन निरोधक और आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने में श्रीलंका के केंद्रीय बैंक और अन्य मंत्रालयों के अधिकारियों के बीच क्षमता निर्माण और उन्हें तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए कोलंबो का दौरा किया।

वित्त मंत्रालय के वित्तीय कार्यवाई कार्यबल (एफएटीएफ) प्रकोष्ठ के नेतृत्व में आये भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कोलंबो में श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के प्रतिनिधियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया पर मंगलवार को बताया कि इस प्रतिनिधिमंडल में भारत के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), वित्तीय आसूचना यूनिट ( एफआईयू) और वित्त मंत्रालय के एफएटीएफ प्रकोष्ठ के विशेषज्ञ शामिल थे। उच्चायोग ने कहा है कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य वित्तीय अपराधों से लड़ने के लिए ढाँचे को मज़बूत करना और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना था।

एफएटीएफ धन शोधन, आतंकवादी वित्तपोषण और प्रसार वित्तपोषण से निपटने के लिए एक बहुपक्षीय सरकारी फोरम है जो संबंधित कार्रवाई और प्रक्रियाओं संबंधी अंतर्राष्ट्रीय मानक निर्धारित करता है। इसकी शुरुआत जी7 द्वारा 1989 में की थी और इसमें आज भारत सहित करीब 40 देश सदस्य हैं और करीब दो सौ सरकारें और प्रशासनिक निकायों ने इसके नियमों को अपनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। एफएटीएफ वैश्विक नीतियों का विकास और प्रचार प्रसार, वित्तीय अपराध के रुझानों पर शोध और मानकों के अनुपालन का आकलन करता है। इससे संगठित अपराध, भ्रष्टाचार और आतंकवाद पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है।

 

 

 

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