ग्वालियर में शारदीय नवरात्रि उत्सव शुरू:मंदिरों पर भक्तों की भीड़

ग्वालियर: ग्वालियर अंचल में आज सोमवार से शारदीय नवरात्रि शुरू होने के साथ ही भक्तों का माता के मंदिरों पर हुजूम उमड़ पड़ा है। ग्वालियर के प्रसिद्ध मंदिर मांढरे वाली माता पर तड़के से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा हुआ है जो देर रात तक जारी रहेगा। पहाड़ाय वाली माता, भेलसा वाली माता, नाका चंद्रवदनी स्थित वैष्णो देवी मंदिर एवं नहर वाली माता पर भी मेले लगे हैं। इसी तरह 9 दिन तक मां के नौ स्वरूप की विशेष रूप से आराधना की जाएगी। नवमीं को यहां विशाल भंडारा किया जाएगा। जिसमें कन्याओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। माता का नौ दिन विशेष श्रृंगार किया जाएगा।

लगभग डेढ़ सौं साल पुराने मांढरे की माता मंदिर में पूजा अर्चना का विशेष महत्व है। मांढरे वाली माता का मंदिर के बाहर सिंह विराजमान हैं। इस मंदिर की स्थापना सिंधिया राजवंश के कर्नल रहे आनंद राव मांढरे ने की थी। आनंद राव मांढरे महाराष्ट्र के सतारा के बायपास रोड पर स्थित प्राचीन मांढरे वाली माता के परम भक्त थे। जब सिंधिया रियासत में वे यहां पदाधिकारी बनकर ग्वालियर आए तो अपने साथ माता को भी यहां लेकर आए थे। इस मंदिर की खास बात यह है कि यह सिंधिया राजवंश के महल जयविलास पैलेस से 1 किलोमीटर दूर होने के बावजूद महल की एक विशेष खिड़की से माता के दर्शन सिंधिया राजपरिवार के सदस्यों को होते हैं। पारंपरिक परिधान धारण कर सिंधिया राजवंश के मुखिया ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने बेटे तथा व सरदारों के साथ यहां दशहरे पर मत्था टेकने और शमी का पूजन करने आएंगे।

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