
रीवा।शहर के विश्वविद्यालय थाना अन्तर्गत इटौरा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी. दहेज प्रताडऩा से तंग आकर मृतिका ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. जिसके बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया. 17 वें अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनु सिंह द्वारा अभियुक्तगणो को दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष का कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है.
अपर लोक अभियोजक एड. विकास द्विवेदी ने अभियोजन की ओर से पैरवी की. श्री द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम इटौरा में आरती तिवारी की शादी 25.11.22 को रोहित द्विवेदी उर्फ परमानंद से हुई थी. शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज के लिये परेशान कर रहे थे. चार चका गाड़ी एवं अन्य सामान की मांग की जा रही थी. दहेज प्रताडऩा से तंग आकर आरती ने नवम्बर 2023 को फांस लगाकर आत्महत्या कर ली थी. मायके पक्ष ने ससुराल वालो पर दहेज प्रताडऩा का आरोप लगाया था. मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद आरोपियो ंके खिलाफ धारा 304 बी, 498 ए आईपीसी एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था. दोनो पक्षो को सुनने के बाद न्यायालय द्वारा पति परमानंद उर्फ रोहित द्विवेदी एवं सास-ससुर को दस-दस वर्ष के कारावास के साथ दस-दस हजार के अर्थदंड से दंडित किया गया.
